Summer express,रोहतक। हरियाणा के रोहतक जिले में हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम की सरकारी जमीन से अवैध रूप से मिट्टी खनन और चोरी का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। इस पूरे प्रकरण में खनन माफिया की सक्रियता के साथ-साथ विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले की शिकायत आईएमटी थाना पुलिस को सौंप दी गई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार गांव खेड़ी साध निवासी जोगेंद्र ने HSIIDC के मैनेजर संदीप राहर को सूचना दी थी कि विभाग की जमीन पर अवैध रूप से जेसीबी और डंपरों के जरिए मिट्टी की खुदाई की जा रही है। सूचना मिलते ही मैनेजर संदीप राहर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने देखा कि एक जेसीबी मशीन और तीन बड़े डंपर खुलेआम सरकारी जमीन से मिट्टी खोदने और उसे भरने में लगे हुए थे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मैनेजर संदीप राहर ने तुरंत आईएमटी थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपियों को भनक लग गई और वे जेसीबी व डंपरों सहित मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ तब लिया जब शिकायतकर्ता ने विभाग के ही सीनियर मैनेजर राजीव डागर पर गंभीर आरोप लगाए।
शिकायत में कहा गया है कि अवैध खनन की गतिविधियां विभागीय संरक्षण में चल रही थीं और कथित तौर पर सीनियर मैनेजर राजीव डागर खुद मौके पर मौजूद थे। आरोप है कि उनकी मौजूदगी और संरक्षण के चलते खनन माफिया सरकारी जमीन से बड़े स्तर पर मिट्टी चोरी कर रहा था। इन आरोपों के सामने आने के बाद विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
आईएमटी थाना पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि मौके पर मौजूद डंपरों और अन्य वाहनों के नंबर पुलिस को उपलब्ध करवा दिए गए हैं। पुलिस अब वाहन मालिकों और चालकों की पहचान करने में जुटी हुई है। साथ ही विभागीय अधिकारियों की भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी संपत्ति से अवैध खनन और विभागीय मिलीभगत जैसे गंभीर आरोपों की गहनता से जांच की जा रही है। मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस घटना के बाद क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियों और प्रशासनिक निगरानी को लेकर भी कई सवाल उठने लगे हैं।