Summer express, संजू, शिमला। अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच सिटिंग जज की निगरानी में करवाने की मांग उठाते हुए कहा कि यह मामला करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है।
नरेश चौहान ने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था और भावनाओं का प्रतीक है। मंदिर निर्माण के लिए देशभर के लोगों ने श्रद्धा और विश्वास के साथ दान दिया था। ऐसे में यदि चंदे में किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता सामने आती है, तो यह बेहद गंभीर मामला है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकरण की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उनका मानना है कि मामले की जांच किसी सिटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए थी, ताकि लोगों के मन में किसी प्रकार का संदेह न रहे और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से सामने आए।
प्रधान मीडिया सलाहकार ने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि पूरे मामले में ट्रस्ट की क्या जिम्मेदारी रही और क्या किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई। चौहान ने कहा कि यह देश और उत्तर प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए।
नरेश चौहान ने कहा कि जिन-जिन लोगों के नाम इस मामले में सामने आते हैं, उन सभी की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने हिमाचल प्रदेश भाजपा से भी इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि चंदे में किसी प्रकार की हेराफेरी हुई है, तो यह केवल आर्थिक अनियमितता नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर सीधा आघात है। इसलिए मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच बेहद आवश्यक है।