Summer express, सिरसा। हरियाणा में यूरिया और डीएपी खाद की बढ़ती किल्लत को लेकर कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हर फसल सीजन में किसानों को खाद के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है, जबकि सरकार जमीनी समस्याओं के समाधान के बजाय पोर्टल, सत्यापन और नई प्रक्रियाओं में उलझी हुई नजर आती है।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों से लगातार खाद की कमी और किसानों की परेशानियों की खबरें सामने आ रही हैं। किसान घंटों लाइनों में लगने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की वास्तविक जरूरतों को समझने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
सैलजा ने कहा कि सरकार के पास ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’, राजस्व रिकॉर्ड और किसानों की कृषि योग्य भूमि से जुड़ा पूरा डाटा पहले से उपलब्ध है। इसके बावजूद यदि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार यूरिया और डीएपी नहीं मिल पा रही, तो यह प्रशासनिक लापरवाही और कमजोर योजना का स्पष्ट उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि सरकार को पहले से उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर फसल सीजन शुरू होने से पहले खाद की मांग का सही आकलन कर पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करना चाहिए था। किसानों को बार-बार पोर्टल, टोकन और सत्यापन जैसी प्रक्रियाओं में उलझाने के बजाय उनकी समस्याओं का व्यावहारिक समाधान निकालना जरूरी है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि किसान पहले ही मौसम की मार और बढ़ती लागत से परेशान हैं, ऐसे में खाद की किल्लत उनकी मुश्किलों को और बढ़ा रही है। उन्होंने सरकार से तत्काल प्रभाव से खाद आपूर्ति व्यवस्था सुधारने और किसानों को बिना परेशानी पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डीएपी उपलब्ध कराने की मांग की।