Summer express, अंकुर कपूर , हांसी | हांसी जिले के चानौत गांव में भाखड़ा से आ रही पीने के पानी की पाइप लाइन में टी कनेक्शन लगाने पर विवाद हो गया। रात को अवैध रूप से लगाए गए टी कनेक्शन को हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम और ग्रामीणों के बीच आमना-सामना हो गया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और दोनों पक्षों के बीच टकराव शुरू हो गया।
पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े तथा बल प्रयोग किया। वहीं ग्रामीणों की ओर से भी पुलिस पर पत्थरबाजी की गई। इस घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि तीन से चार ग्रामीणों को भी हल्की चोटे लगाने की बात सामने आई है।
गौरतलब है कि चानौत गांव के ग्रामीण पिछले 38 दिनों से पानी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। शनिवार शाम धरना स्थल पर पहुंचे एक व्यक्ति ने स्वयं को सरकार का प्रतिनिधि बताते हुए ग्रामीणों से बातचीत की। उसने ग्रामीणों से पूछा कि यदि उनकी मांग पूरी कर दी जाए तो क्या वे धरना समाप्त कर देंगे। इस पर धरना कमेटी ने सहमति जताई कि सारी मांगें पूरी होने पर आंदोलन समाप्त कर दिया जाएगा।

इसके बाद भाखड़ा से आ रही पाइपलाइन में चानौत गांव के लिए टी कनेक्शन लगा दिया गया, जिसके बाद आमरण अनशन पर बैठे लोगों ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। हालांकि गांव के अन्य लोगों ने स्पष्ट किया कि उनकी बाकी मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।
मामले की जानकारी मिलने पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पब्लिक हेल्थ) के एक्सईएन ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और बिना अनुमति पाइपलाइन में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए करीब 500 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया।
रात जिला प्रशासन और पुलिस की टीम अवैध रूप से लगाए गए टी कनेक्शन को हटाने के लिए चानौत पहुंची। लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए टी हटाने से इंकार कर दिया। इसी को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच विवाद बढ़ गया, जो बाद में झड़प में बदल गया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया, जबकि ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।