summer express, मोगा, (दलजीत विक्की) | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मोगा शाखा द्वारा गुरुवार प्रातः शहीदी पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में वर्ष 1989 के शाखा नरसंहार में शहीद हुए स्वयंसेवकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। 25 जून 1989 को इसी स्थान पर चल रही संघ शाखा पर आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलियां चलाकर 25 स्वयंसेवकों की हत्या कर दी थी तथा 36 स्वयंसेवकों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। शहीदों की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में नगर के स्वयंसेवक एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
इस अवसर पर धर्म जागरण के प्रांत प्रमुख रामगोपाल ने कहा कि देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रभक्ति की रक्षा के लिए स्वयंसेवकों द्वारा दिया गया बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब में आतंकवाद के दौर में घटित यह घटना देशविरोधी शक्तियों की मानसिकता को उजागर करती है। उनका उद्देश्य हिंदू-सिख समाज के बीच भेदभाव पैदा करना था, लेकिन संघ के अधिकारियों की दूरदर्शिता और स्वयंसेवकों के संयम के कारण यह साजिश सफल नहीं हो सकी।
रामगोपाल ने कहा कि इस घटना के बाद पूरे देश में राष्ट्रभक्ति की भावना और अधिक प्रबल हुई। देश के विभिन्न राज्यों से संघ के प्रचारक पंजाब पहुंचे, जिससे समाज का आत्मविश्वास बढ़ा और हिंदू-सिख भाईचारा पुनः मजबूत हुआ। इसके परिणामस्वरूप पंजाब में शांति बहाली का मार्ग प्रशस्त हुआ और देश की एकता एवं अखंडता को मजबूती मिली।
उन्होंने वर्ष 1997 में लुधियाना के श्री गुरु नानक स्टेडियम में आयोजित विशाल संघ सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि 21 हजार से अधिक स्वयंसेवकों की उपस्थिति तथा तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, एसजीपीसी के तत्कालीन प्रधान गुरचरण सिंह टोहड़ा और संघ के सरसंघचालक प्रो. राजेंद्र सिंह की गरिमामयी मौजूदगी ने पूरे देश को हिंदू-सिख एकता का सकारात्मक संदेश दिया था।
कार्यक्रम में विशेष रूप से पहुंचे राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने अपने संबोधन में उस दुखद घटना को याद करते हुए कहा कि उस समय वह अमृतसर में शाखा के स्वयंसेवक थे। घटना की सूचना मिलते ही वे अन्य स्वयंसेवकों के साथ मोगा पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि संघ स्थान पर पहुंचकर जो दृश्य देखा, वह अत्यंत पीड़ादायक था, लेकिन स्वयंसेवकों के धैर्य और नेतृत्व की सूझबूझ के कारण पंजाब विरोधी ताकतों की मंशा विफल हो गई।
तरुण चुघ ने कहा कि राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद उन्होंने शपथ ग्रहण से पूर्व मोगा की इस पवित्र भूमि को नमन करने का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि यहां आकर उन्हें अपने स्वयंसेवक जीवन और राष्ट्रसेवा के संस्कारों का पुनः स्मरण हुआ। उन्होंने शहीद स्वयंसेवकों को नमन करते हुए उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की।श्रद्धांजलि समारोह में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों तथा भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पंक्तिबद्ध होकर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।