Summer express, चंडीगढ़ | आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े 657 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच में केंद्रीय जांच एजेंसी ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रदीप कुमार को गिरफ्तार करने के लिए कई स्थानों पर दबिश दी, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। सूत्रों के अनुसार, प्रदीप कुमार पिछले तीन दिनों से अपने सरकारी आवास पर भी मौजूद नहीं हैं और उनका मोबाइल फोन भी बंद बताया जा रहा है।
प्रदीप कुमार इस वर्ष 8 अप्रैल तक हरियाणा परिवहन विभाग में निदेशक (राज्य परिवहन) एवं विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थे। बैंक घोटाले में कथित भूमिका सामने आने के बाद राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था। उल्लेखनीय है कि उनकी सेवानिवृत्ति में अब केवल चार दिन शेष हैं और उन्हें 30 जून को रिटायर होना है।
उधर, हरियाणा सरकार ने इसी मामले में गिरफ्तार वर्ष 2000 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को भी निलंबित कर दिया है। पंकज अग्रवाल वर्तमान में हरियाणा सरकार के आर्किटेक्चर विभाग में प्रधान सचिव के पद पर तैनात थे। केंद्रीय जांच एजेंसी ने उन्हें 22 जून की रात करीब 8:30 बजे हिरासत में लिया था।
सरकारी आदेश के अनुसार, 48 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रहने के कारण अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1969 के तहत पंकज अग्रवाल को 22 जून 2026 से प्रभावी निलंबन के दायरे में माना गया है। इस बहुचर्चित बैंक घोटाले की जांच जारी है और मामले में आगे भी कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।