Summer express/धर्मशाला, राहुल-: हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्मानी ने भाजपा द्वारा चुनावों में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का दायित्व सरकार की आलोचना करना और कमियों को उजागर करना होता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार विपक्ष की उन बातों को गंभीरता से लेती है जो राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर प्रदेश और जनता के हित में हों। ऐसे सुझावों पर सरकार सकारात्मक सोच के साथ अमल भी करती है।
राजेश धर्मानी ने कहा कि भाजपा जब सत्ता में थी, तब उसे प्रशासनिक व्यवस्थाओं और चुनावी प्रक्रियाओं में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए थे। अब चुनावों को लेकर लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक बयानबाजी से अधिक कुछ नहीं हैं।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता के हाथ में होता है, किसी राजनीतिक दल या उसके नेताओं के हाथ में नहीं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने कांग्रेस पर भरोसा जताते हुए उसे सरकार बनाने का जनादेश दिया था।धर्मानी ने भाजपा पर कांग्रेस विधायकों को तोड़ने और दबाव की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि तमाम कोशिशों के बावजूद कांग्रेस विधानसभा में 40 विधायकों के मजबूत आंकड़े के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर वही अपना फैसला सुनाएगी।तकनीकी शिक्षा मंत्री ने विश्वास जताया कि भविष्य में भी प्रदेश की जनता लोकतांत्रिक मूल्यों को प्राथमिकता देगी और चुनावी नतीजे जनता की इच्छा के अनुरूप ही तय होंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार जनहित और विकास के मुद्दों पर काम कर रही है तथा रचनात्मक सुझावों का हमेशा स्वागत करती है.