Summer express/सोलन, भूपेंद्र-:सोलन के ऐतिहासिक शूलिनी मेले में रविवार शाम बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर लापरवाही सामने आई। शाम करीब 6:45 बजे मेले में स्थापित हवा से फुलाए गए विशालकाय मिकी माउस झूले की अचानक हवा निकल गई, जिससे पूरा ढांचा देखते ही देखते जमीन पर गिर पड़ा। हादसे के समय झूले पर खेल रहे करीब 10 से 12 बच्चे उसके भारी सिंथेटिक आवरण के नीचे दब गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद झूले का संचालन कर रहे कर्मचारी और ऑपरेटर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के बजाय टिकट काउंटर छोड़कर मौके से फरार हो गए। इस दौरान वहां मौजूद अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने साहस और तत्परता दिखाते हुए झूले का मलबा हटाया तथा बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।ऊना निवासी राहुल कुमार ने बताया कि उनका चार वर्षीय बेटा भी झूले पर मौजूद था। उनके अनुसार, स्थानीय नागरिक प्रदीप कुमार सहित अन्य लोगों की मदद से सभी बच्चों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया। उन्होंने कहा कि यदि राहत कार्य में थोड़ी भी देरी होती तो बच्चों का दम घुटने जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती थी।घटना के बाद राहुल कुमार ने जीपीएस लोकेशन, वीडियो, फोटो और अन्य साक्ष्यों के साथ स्थानीय पुलिस अधिकारियों—एसपी, डीएसपी और एसएचओ—को लिखित शिकायत सौंपने का दावा किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि घटना के अगले दिन तक भी मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि झूला संचालक और संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही मेले में संचालित सभी झूलों की तकनीकी और सुरक्षा जांच कराई जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।