रात्रि गश्त के दौरान पिक गाड़ी से बरामद किए देवदार के 10 लठ्ठे, 15 सड़क किनारे से बरामद
मंडी/ धर्मवीर-: सुकेत वन मंडल के अंतर्गत जय देवी वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने अवैध देवदार कटान और तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रात्रि गश्त के दौरान की गई इस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में देवदार की अवैध लकड़ी, एक पिकअप गाडी़ से बरामद की है। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि वन विभाग भी अलग से कानूनी कार्रवाई करेगा। जानकारी के अनुसार रविवार और सोमवार की मध्यरात्रि डिप्टी रेंजर रामलाल के नेतृत्व में जय देवी वन परिक्षेत्र की टीम च्योरा क्षेत्र में नियमित गश्त पर थी।
इसी दौरान टीम ने संदिग्ध गतिविधि देख एक पिकअप वाहन को रोककर उसकी तलाशी की। टीम ने पाया कि वाहन में देवदार की लकड़ी लदी हुई थी। मौके पर पांच लोग मौजूद थे, लेकिन वन विभाग की टीम को देखते ही दो आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर फरार हो गए, जबकि तीन आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान वाहन से देवदार के 10 लट्ठे बरामद किए गए। वहीं सड़क किनारे परिवहन के लिए रखे गए 15 अन्य लट्ठे भी जब्त किए गए। जांच के दौरान आरोपी लकड़ी से संबंधित कोई वैध ट्रांजिट परमिट अथवा अन्य अधिकृत दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इतना ही नहीं, बरामद लकड़ी पर वन विभाग का अनिवार्य प्रॉपर्टी हैमर मार्क भी अंकित नहीं पाया गया, जिससे लकड़ी के अवैध कटान और तस्करी की पुष्टि तुख्ता हो गई। वन विभाग द्वारा घटनास्थल के निरीक्षण में यह भी सामने आया कि संरक्षित वन क्षेत्र से देवदार के कुल 9 पेड़ अवैध रूप से काटे गए, जिनमें 6 चौथी श्रेणी तथा 3 पांचवीं श्रेणी के पेड़ शामिल हैं। बरामद लकड़ी का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 1 लाख 40 हजार रुपये आंकी गई। वही, पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीसीएफ सुकेत राकेश कटोच ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई के अतिरिक्त वन विभाग भारतीय वन अधिनियम की धारा 52 के तहत जब्त वाहन और लकड़ी की जब्ती संबंधी अदालती कार्रवाई भी करेगा। साथ ही संबंधित अधिनियमों के तहत आरोपियों के विरुद्ध सक्षम न्यायालय में आपराधिक अभियोजन भी चलाया जाएगा।
उधर, डीएसपी सुंदर नगर भारत भूषण ने पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों सहित पूरे प्रकरण की गहन जांच जारी है। दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।