Summer express/शिमला, संजू -: आगामी सेब सीजन को देखते हुए चौपाल क्षेत्र में सड़क व्यवस्था, परिवहन और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। चौपाल विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर-15 गोरली मडावग से जिला परिषद सदस्य अतुल शर्मा ने अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) शिमला को ज्ञापन सौंपकर सेब सीजन शुरू होने से पहले आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इस बार भी पिछले वर्ष जैसी लापरवाही दोहराई गई तो हजारों बागवानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
ज्ञापन में कहा गया है कि ऊपरी शिमला की अधिकांश आबादी सेब उत्पादन पर निर्भर है और किसानों की सालभर की आय का मुख्य स्रोत यही फसल है। ऐसे में समय पर सड़क, परिवहन और विपणन संबंधी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई से विभिन्न क्षेत्रों में सेब तुड़ाई और विपणन का कार्य शुरू होने की संभावना है, जबकि मानसून भी सक्रिय हो चुका है। इसके बावजूद कई आवश्यक तैयारियां अभी अधूरी हैं।अतुल शर्मा ने कहा कि पिछले वर्ष एचपीएमसी के गोदामों और सड़कों पर बड़ी मात्रा में सेब फंस गया था, जिससे किसानों को समय पर फसल नहीं बेच पाने के कारण नुकसान उठाना पड़ा। उनका कहना है कि इस बार ऐसी स्थिति से बचने के लिए पहले से प्रभावी योजना बनाकर काम करना जरूरी है।उन्होंने करगोली नाला–देहा मुख्य मार्ग, देहा–चौपाल सड़क, सरांह–जोड़ना–पुलबाहल–नेरीपुल मार्ग तथा बमटा–मडावग–खिड़की सड़क सहित कई संपर्क मार्गों की खराब स्थिति का उल्लेख किया। उनके अनुसार जगह-जगह गड्ढे, क्षतिग्रस्त सड़कें और सड़क किनारे झुके पेड़ दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं तथा सेब के परिवहन में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं।
ज्ञापन में मांग की गई है कि सेब सीजन शुरू होने से पहले सभी मुख्य और वैकल्पिक सड़कों की मरम्मत कर उन्हें पूरी तरह यातायात योग्य बनाया जाए। इसके साथ ही भारी बारिश की स्थिति में तुरंत सड़क बहाली के लिए लोक निर्माण विभाग की मशीनरी तैनात की जाए और पुलिस विभाग द्वारा ट्रैफिक प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए।इसके अलावा पंचायत स्तर पर लिंक रोड खोलने के लिए विशेष बजट उपलब्ध कराने, एचपीएमसी द्वारा किसानों का लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने, बिना लाइसेंस सेब खरीद पर रोक लगाने तथा आढ़तियों के माध्यम से किसानों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने की भी मांग रखी गई। उन्होंने प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि सेब सीजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं और दिशा-निर्देशों की जानकारी समय रहते किसानों तक पहुंचाई जाए।
अतुल शर्मा ने कहा कि सेब उत्पादन हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और इसकी सफलता बेहतर प्रशासनिक समन्वय पर निर्भर करती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन बागवानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाएगा, ताकि इस वर्ष सेब सीजन सुचारु रूप से संपन्न हो सके। ज्ञापन सौंपने के दौरान कमल ठाकुर, नीलाक्ष, पूर्व बीडीसी सदस्य अनिल काकू, युवा मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मुनीष वर्मा, नितीश तथा अन्य स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।