Summer express, बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में नकली नोट छापने और बाजार में चलाने वाले एक गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में 41 वर्षीय एमबीए ग्रेजुएट रुद्रेश को गिरफ्तार किया है। आरोपी को गंगोंडनहल्ली के सम्पिगे लेआउट स्थित उसके घर से नाटकीय अंदाज में पकड़ा गया, जहां वह बेड के बॉक्स के अंदर छिपा हुआ मिला।
पुलिस जांच के अनुसार, रुद्रेश पर बेंगलुरु, तुमकुरु और आसपास के कई इलाकों में 500 रुपये के नकली नोट खपाने का आरोप है। मामला तब उजागर हुआ जब 2 जुलाई को उसने कथित तौर पर हुलियारु गांव की एक दुकान पर सिगरेट खरीदने के लिए 500 रुपये का नकली नोट इस्तेमाल किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी तक पहुंच गई।
जब हुलियारु थाना पुलिस आरोपी के घर पहुंची तो उसके परिजनों ने तलाशी में सहयोग नहीं किया। शुरुआती तलाशी में पुलिस को रुद्रेश नहीं मिला, लेकिन गहन जांच के दौरान पता चला कि उसे बेड के बॉक्स में छिपाया गया था। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक रुद्रेश पहले भी वर्ष 2024 में दावणगेरे में पकड़े गए नकली नोट गिरोह का सदस्य रह चुका है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि उस गिरोह ने गिरफ्तारी से पहले करीब तीन महीनों में लगभग 20 लाख रुपये के नकली नोट बाजार में खपाए थे।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि जेल से रिहा होने के बाद रुद्रेश ने दोबारा नकली नोट तैयार करने और उन्हें चलाने का काम शुरू कर दिया था। इस मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
हुलियारु पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोटों का यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें किन-किन लोगों की संलिप्तता है।