Summer express, अनुज पांचाल, गुरुग्राम। गुरुग्राम की हाईराइज आवासीय सोसाइटियों की निर्माण गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सेक्टर-37C स्थित इम्पीरिया एस्फेरा सोसाइटी के फेज-2 के टावर-ई में गुरुवार को एक फ्लैट की बालकनी का छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय बालकनी के नीचे कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद पूरी सोसाइटी में दहशत का माहौल बन गया और निवासियों ने बिल्डर की निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बालकनी का हिस्सा गिरते ही तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि बड़ी मात्रा में कंक्रीट और प्लास्टर नीचे बिखरा पड़ा था, जबकि फ्लैट की बाहरी दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से घेरकर जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे की वजह निर्माण संबंधी खामी थी या कोई अन्य कारण।
हादसे के बाद सोसाइटी के निवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। उनका आरोप है कि बिल्डर ने निर्माण कार्य के दौरान घटिया गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया, जिसकी वजह से अब लोगों की जान खतरे में पड़ गई है। निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते पूरे प्रोजेक्ट की तकनीकी जांच नहीं कराई गई तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है।
रेजिडेंट्स ने प्रशासन से मांग की है कि किसी स्वतंत्र और प्रतिष्ठित थर्ड-पार्टी एजेंसी से पूरे प्रोजेक्ट का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाए। उनका कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक सभी टावरों की सुरक्षा का व्यापक आकलन किया जाना चाहिए ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।
गौरतलब है कि इससे पहले भी गुरुग्राम की कई हाईराइज सोसाइटियों में प्लास्टर गिरने और भवन के हिस्से क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उन मामलों के बाद जिला प्रशासन ने विभिन्न सोसाइटियों के स्ट्रक्चरल ऑडिट के निर्देश दिए थे। इम्पीरिया एस्फेरा की यह ताजा घटना एक बार फिर बिल्डरों की जवाबदेही, निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।