Summer express/नूरपुर, संजीव महाजन-: मानसून के सक्रिय होते ही नूरपुर प्रशासन ने संभावित आपदाओं से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। एसडीएम नूरपुर अरुण शर्मा ने बताया कि बारिश के मौसम में भूस्खलन, जलभराव और नदी-नालों के उफान जैसी स्थितियां सबसे बड़ी चुनौती होती हैं। इन्हीं जोखिमों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने संबंधित विभागों को पहले से ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।उन्होंने बताया कि कंडवाल से भेड़खड्ड तक राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि कार्यस्थलों पर वर्षा का पानी जमा न होने पाए। साथ ही, जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी करने को कहा गया है, ताकि बारिश के दौरान यातायात और आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
एसडीएम अरुण शर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि बरसात के समय नदी, नालों और खड्डों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में इन स्थानों के आसपास जाने या उन्हें पार करने का जोखिम बिल्कुल न लें।उन्होंने बताया कि नूरपुर नगर परिषद ने शहर की प्रमुख नालियों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया है, जिससे वर्षा जल की निकासी सुचारु बनी रहे। उन्होंने नागरिकों से सार्वजनिक स्थानों और नालियों में कूड़ा-कचरा न फेंकने तथा प्रशासन का सहयोग करने की अपील की, ताकि मानसून के दौरान जलभराव और अन्य समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।