गुरमीत सिंह | डेराबस्सी
डेराबस्सी प्रशासन द्वारा किए जाने वाले बरसाती पानी के निकासी प्रबंधों की एक बार फिर पोल खुलकर सामने आ गई जब हुई बारिश के बाद शिव पुरी कॉलोनी से एटीएस को जाने वाली सड़क नदी का रूप धारण कर गई।
सड़क पर भरे पानी में खुले मेनहॉल हादसों का कारण बने रहे और लोग हादसे का शिकार होते रहे। प्रशासन की तरफ से जब कोई कदम नहीं उठाया गया तो वार्ड नंबर 6 के पार्षद एडवोकेट मनीष सैनी साथी साथियों के साथ खुद पानी में उतरकर लोगों की मदद करते नजर आए। स्कूली बच्चों समेत दो पहिया वाहन चालक हादसे का शिकार होते रहे। दर्जनों गाड़ियाँ पानी में फंस कर बंद हो गईं। प्रशासन की लापरवाही का नतीज पूरा दिन लोगों को भुगतना पड़ा।
वार्ड पार्षद एडवोकेट मनीष सैनी समेत लोगों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि मानसून के बावजूद डेरबस्सी प्रशासन
निकासी प्रबंध पूरा नहीं कर सका जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
बरवाला सड़क और शिव पुरी कॉलोनी वाले तरफ से एटीएस को जाने वाली सड़क पर दर्जनों हाउसिंग सोसाइटी और कॉलोनियाँ हैं। लेकिन बरसाती पानी की निकासी का प्रबंध नहीं किया जा सका। हालात ऐसे हैं कि विकास पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं लेकिन ज़मीनी हकीकत में विकास दिखाई नहीं देता।
हकीकत यह है कि बिल्डर अपनी मर्ज़ी के मुताबिक काम करते हैं और सरकारी अफसर आँखें बंद करके बैठे रहते हैं। इस सड़क पर पड़ी एटीएस हाउसिंग सोसाइटी ने ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत कर अपने फ़ायदे के लिए बरसाती नाले का रास्ता ही मोड़ दिया था।
बरवाला सड़क का पानी भी अधूरे ड्रेनेज नाले के कारण गुरबख़्श कॉलोनी से होते हुए शिव पुरी कॉलोनी में घुस जाता है; इसके चलते जहां बरवाला सड़क पानी में डूब जाती है, गुरबख़्श कॉलोनी की तरफ जाने वाली सड़क भी नदी का रूप धारण कर लेती है।
मुनीश सैनी ने कहा कि पैदल चलने वालों के लिए पानी से निकलकर जाना मुश्किल हो गया था। जनजीवन ठप्प-सा हो गया था। कॉलोनी निवासियों ने कहा कि प्रशासन समस्या का हल करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि बरसाती पानी की निकासी प्रणाली को जल्द से जल्द सुधारा जाए।
सड़क पर पानी भरने के कारण करोड़ों रुपये के फ्लैटों में रहने वाले लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शाम तक सड़क पर पानी भरा हुआ था और पार्षद लोगों की मदद में लगे थे।