Summer express, पंचकूला। हरियाणा के बहुचर्चित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पंचकूला स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायत (प्रोसिक्यूशन कंप्लेंट) दाखिल कर दी है। धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई इस कार्रवाई में ईडी ने 200.83 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कर ली हैं। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने चार प्रमुख आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए अगली सुनवाई 4 अगस्त निर्धारित की है।
ईडी के अनुसार, जांच के दौरान कुल 179.83 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां और 20.99 करोड़ रुपये की चल संपत्तियां अटैच की गई हैं। कुर्क की गई संपत्तियों में चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला और दिल्ली में स्थित जमीन, भवन, बैंक खाते तथा फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडीआर) शामिल हैं। ईडी का कहना है कि इन सभी संपत्तियों को फिलहाल 180 दिनों के लिए अस्थायी रूप से अटैच किया गया है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, चंडीगढ़ के सेक्टर-33सी और सेक्टर-21सी में स्थित संपत्तियों का संबंध आरोपी विक्रम वधवा से पाया गया है। वहीं, मोहाली की प्रिज्मा रेजिडेंसी एलएलपी और मार्टेल बिल्डवेल एलएलपी की परियोजनाओं के साथ चंडीगढ़ स्थित एक औद्योगिक प्लॉट, जिसे रिभव ऋषि और दिव्या अरोड़ा से जुड़ा बताया गया है, को भी कुर्क किया गया है। इसके अलावा कई बैंक खातों और एफडीआर को भी ईडी ने अपने कब्जे में लिया है।
प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अदालत में दायर अभियोजन शिकायत में कुल 14 आरोपियों को नामजद किया गया है। इनमें चार व्यक्तिगत आरोपी, कई कंपनियां, साझेदारी फर्में और उनके लाभकारी स्वामी शामिल हैं। आरोपियों में रिभव ऋषि, विक्रम वधवा, अभय कुमार, नरेश कुमार, स्वाति सिंगला, अभिषेक सिंगला, दिव्या अरोड़ा, मनोज कुमार शर्मा और अंकुर शर्मा सहित अन्य संस्थाओं के नाम भी शामिल हैं।
मामले से जुड़े दस्तावेज हजारों पन्नों में होने के कारण अदालत ने उनकी विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त समय देने की ईडी की मांग स्वीकार कर ली है। अब 4 अगस्त को स्क्रूटनी रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश की जाएगी। साथ ही नरेश कुमार के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति से संबंधित प्रक्रिया पर भी विचार किया जाएगा।
सुनवाई के दौरान ईडी के विशेष लोक अभियोजक हरनीत सिंह ओबेराय ने शिकायतकर्ता सहायक निदेशक को आधिकारिक कार्यों के चलते व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट देने का अनुरोध किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। हालांकि अदालत ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
विशेष पीएमएलए अदालत ने आदेश दिया है कि मुख्य आरोपी रिभव ऋषि, विक्रम वधवा, अभय कुमार और नरेश कुमार न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे। अगली सुनवाई के दौरान उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया जाएगा। अदालत ने रिमांड से संबंधित सभी दस्तावेजों को भी केस रिकॉर्ड का हिस्सा बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। मामले में अब दस्तावेजों की जांच रिपोर्ट और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।