Summer express, पंचकूला। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जनवरी 2026 में अंबाला के बलदेव नगर पुलिस स्टेशन परिसर में हुए आईईडी कार बम धमाका मामले में जांच पूरी करते हुए पंचकूला स्थित विशेष एनआईए अदालत में आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। एजेंसी ने इस आतंकी साजिश का मुख्य मास्टरमाइंड पाकिस्तान के गैंगस्टर से आतंकी बने शहजाद भट्टी को बताया है।
चार्जशीट में शहजाद भट्टी के अलावा करमजीत सिंह उर्फ टोनी, आकाश, सौरभ उर्फ सोबी, रमन कुमार, सत्यम, सुखदेव सिंह उर्फ सुखा और अमरजीत सिंह उर्फ अंबी को आरोपी बनाया गया है। एनआईए के अनुसार, इन सभी ने मिलकर पुलिस प्रतिष्ठान को निशाना बनाने की साजिश रची थी।
जांच एजेंसी के मुताबिक, पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी ने भारत में अपना आतंकी नेटवर्क तैयार किया और स्थानीय सहयोगियों को विस्फोटक सामग्री जुटाने, रेकी करने तथा हमले को अंजाम देने की जिम्मेदारी सौंपी। एजेंसी का दावा है कि अंबाला के बलदेव नगर पुलिस स्टेशन को लोगों में दहशत फैलाने और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने के उद्देश्य से निशाना बनाया गया था।
एनआईए की जांच में सामने आया कि आकाश भारत में शहजाद भट्टी का प्रमुख सहयोगी था। उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पूरी साजिश का समन्वय किया। आरोपियों ने पहले संभावित स्थानों की रेकी की और बाद में गैस सिलेंडरों तथा विस्फोटक सामग्री से भरी कार पुलिस स्टेशन की पार्किंग में खड़ी कर दी। घटना का वीडियो भी तैयार किया गया, ताकि उसे सोशल मीडिया के जरिए प्रचारित किया जा सके।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि शहजाद भट्टी ने सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के माध्यम से आरोपियों की भर्ती की और उनका कट्टरपंथीकरण किया। डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक, दस्तावेजी और फॉरेंसिक साक्ष्यों से यह पुष्टि हुई है कि हमले की योजना से लेकर उसके क्रियान्वयन तक सभी आरोपी लगातार अपने पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में थे।
एनआईए के अनुसार, जांच के दौरान भर्ती, फंडिंग, लॉजिस्टिक सपोर्ट, विस्फोटक सामग्री की खरीद, हमले की योजना और उसे अंजाम देने से जुड़े कई अहम साक्ष्य जुटाए गए हैं। एजेंसी ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी नए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।