Summer express, मोनिका रावत, चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने आईएएस अधिकारी एवं पूर्व डीएम गगनदीप रंधावा आत्महत्या मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट को बताया कि पुलिस इस मामले में चालान अदालत में पेश कर चुकी है। साथ ही मामले से जुड़े वीडियो साक्ष्यों को फोरेंसिक जांच के लिए केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) भेज दिया गया है। सरकार के इस जवाब को रिकॉर्ड पर लेते हुए हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।
इसी बीच मामले में आरोपी बनाए गए पंजाब के मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने भी हाई कोर्ट में आवेदन दायर कर उन्हें इस याचिका में पक्षकार बनाए जाने की मांग की है।
दरअसल, यह याचिका गगनदीप रंधावा की पत्नी ओपिंदर कौर ने दायर की है। उन्होंने हाई कोर्ट से मामले की जांच पंजाब पुलिस से लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की मांग की है।
याचिका में ओपिंदर कौर ने आरोप लगाया है कि उनके पति की आत्महत्या के मुख्य आरोपी पंजाब के मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर तथा अन्य लोग हैं। उनका कहना है कि मामले में प्रभावशाली लोगों के नाम होने के कारण राज्य सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है और न ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।
याचिका में यह भी कहा गया है कि पंजाब पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करने की स्थिति में नहीं है, क्योंकि आरोप एक मौजूदा मंत्री, उनके पिता और अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों पर हैं। ऐसे में निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जानी चाहिए।
इससे पहले हाई कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार और सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। अब पंजाब सरकार ने अदालत को जांच की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया है और बताया है कि पुलिस चालान दाखिल कर चुकी है तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच सीएफएसएल में कराई जा रही है।सरकार का जवाब रिकॉर्ड पर लेने के बाद हाई कोर्ट ने मामले की आगे की सुनवाई सोमवार के लिए निर्धारित कर दी है। वहीं, लालजीत सिंह भुल्लर की ओर से दायर पक्षकार बनाए जाने की अर्जी पर भी अदालत आगामी सुनवाई में विचार कर सकती है।