Summer express, फरीदाबाद। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG) 2026 में फरीदाबाद के छात्र पंशुल बंसल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में दूसरा स्थान (AIR-2) हासिल किया है। सेक्टर-21सी निवासी पंशुल ने 720 में से 715 अंक प्राप्त कर दिल्ली-एनसीआर में पहला स्थान अपने नाम किया। अब उनका लक्ष्य एम्स (AIIMS) नई दिल्ली से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर न्यूरो सर्जरी या कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टर बनना है।
पंशुल के पिता संजीव कुमार बंसल उद्योगपति हैं, जबकि उनकी मां एक प्रमुख समाचार संस्थान में कंपनी सचिव हैं। बेटे की इस उपलब्धि से परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
री-नीट बना सफलता की नई शुरुआत
पंशुल ने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली के समर फील्ड स्कूल से पूरी की और मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी एलन करियर इंस्टीट्यूट से की। उन्होंने बताया कि पहली बार नीट परीक्षा के दौरान अत्यधिक मानसिक दबाव के कारण उनका प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा और उन्हें 696 अंक मिले। हालांकि, पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा परीक्षा (री-नीट) का मौका मिला तो उन्होंने इसे नई शुरुआत के रूप में लिया।
उन्होंने बताया कि दूसरी परीक्षा में बिना किसी दबाव के शामिल हुए, जिससे पहले की गलतियों में सुधार हुआ और बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश के टॉप रैंकर्स में जगह बनाई।
12 से 13 घंटे की पढ़ाई, AI टूल्स से बनाई दूरी
पंशुल ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित और अनुशासित पढ़ाई को दिया। उन्होंने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान वह रोजाना 12 से 13 घंटे पढ़ाई करते थे और तय समय-सारिणी का पूरी तरह पालन करते थे। पढ़ाई के दौरान उन्होंने किसी भी एआई टूल का उपयोग नहीं किया। किसी विषय में कठिनाई आने पर वह शिक्षकों से मार्गदर्शन लेते या किताबों की मदद से उसे समझते थे।
उन्होंने यह भी कहा कि पढ़ाई के साथ मानसिक संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है। इसलिए हर कुछ महीनों में टेस्ट के बाद दोस्तों के साथ समय बिताते थे और खाली समय में यूट्यूब तथा एनिमेशन वीडियो देखते थे।
पढ़ाई के साथ संगीत में भी रुचि
पढ़ाई के अलावा पंशुल संगीत के भी शौकीन हैं। मानसिक तनाव कम करने के लिए वह पियानो बजाते हैं। उन्होंने ट्रिनिटी कॉलेज ऑफ लंदन (ग्रेड-2) और रॉक स्कूल (ग्रेड-4) से अंतरराष्ट्रीय स्तर के संगीत प्रमाणपत्र भी हासिल किए हैं।
उनका शैक्षणिक रिकॉर्ड भी लगातार उत्कृष्ट रहा है। 10वीं और 12वीं दोनों बोर्ड परीक्षाओं में उन्होंने 94 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके अलावा जेईई मेन परीक्षा में भी उन्होंने 99.5 परसेंटाइल स्कोर किया, लेकिन उनका सपना हमेशा से चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने का रहा।
पंशुल की इस उपलब्धि को फरीदाबाद ही नहीं, पूरे हरियाणा के लिए गर्व की बात माना जा रहा है। उनकी सफलता ने मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने वाले हजारों छात्रों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है।