Summer express, हिसार। हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में कार्यों के प्रति लापरवाही और जिम्मेदारियों के निर्वहन में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। हिसार जिले के आठ वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इन अधिकारियों पर सार्थक टीम की ओर से जारी नोटिसों का संतोषजनक जवाब नहीं देने और कार्य निष्पादन में अपेक्षित स्तर का प्रदर्शन न करने के आरोप हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, सभी संबंधित अधिकारियों के खिलाफ हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम-8 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए आरोप पत्र (चार्जशीट) तैयार कर नियमानुसार सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित है, उनमें हिसार की सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत, सीएचसी मंगाली के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. सज्जन, सीएचसी सीसवाल की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशिमा चौधरी, सीएचसी खांडा खेड़ी के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र शर्मा, सीएचसी मिर्चपुर के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. विक्रम, सीएचसी आर्यनगर के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोशनलाल, उप सिविल सर्जन (एनटीईआईपी) डॉ. जितेंद्र शर्मा तथा उप सिविल सर्जन (एनसीडी) डॉ. नीरू गुप्ता शामिल हैं।
सरकार ने महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (डीजीएचएस) को निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र का मसौदा तैयार कर आवश्यक अनुमोदन के बाद 15 दिनों के भीतर सरकार को भेजा जाए। साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) हरियाणा के मिशन निदेशक को भी इस मामले से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज शीघ्र स्वास्थ्य सेवाएं निदेशालय, पंचकूला को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विभागीय कार्रवाई समयबद्ध तरीके से पूरी की जा सके।
सरकार के इस फैसले को स्वास्थ्य विभाग में जवाबदेही बढ़ाने और कार्यप्रणाली में सुधार लाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सरकारी कार्यों में लापरवाही और जवाबदेही की कमी अब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।