Summer express, करनाल। करनाल जिला परिषद की सियासत में लंबे समय से जारी खींचतान का आखिरकार गुरुवार को पटाक्षेप हो गया। जिला परिषद अध्यक्ष प्रवेश कुमारी के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बहुमत से पारित हो गया। मतदान में 17 पार्षदों ने प्रस्ताव के समर्थन में वोट देकर अध्यक्ष के खिलाफ अपना विश्वास वापस ले लिया, जिसके बाद उन्हें पद से हटना पड़ा।
उपायुक्त डॉ. आनंद शर्मा की अध्यक्षता में जिला परिषद कार्यालय में आयोजित विशेष बैठक में अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराया गया। कुल 25 पार्षदों में से 19 बैठक में मौजूद रहे। इनमें 17 सदस्यों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि दो सदस्यों ने समर्थन नहीं दिया। पूरी मतदान प्रक्रिया प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
परिणाम घोषित होते ही जिला परिषद की राजनीतिक तस्वीर बदल गई। अब नियमानुसार नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रशासन की ओर से जल्द ही चुनाव की तिथि घोषित किए जाने की संभावना है।
जिला परिषद में यह विवाद पिछले कई महीनों से लगातार गहराता जा रहा था। भाजपा समर्थित उपाध्यक्ष समेत कई पार्षदों ने अध्यक्ष के कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इसके बाद 16 सदस्यों ने तत्कालीन उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर अविश्वास प्रस्ताव लाने और नए नेतृत्व के चयन की मांग की थी।
प्रशासन ने पहले इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 17 अप्रैल को बैठक निर्धारित की थी, लेकिन विभिन्न कारणों से वह बैठक नहीं हो सकी। बाद में नए उपायुक्त डॉ. आनंद शर्मा के कार्यभार संभालने के बाद गुरुवार को विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराया गया और बहुमत मिलने के बाद प्रस्ताव पारित हो गया।
अब जिला परिषद के नए अध्यक्ष के चयन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। सभी की नजरें आगामी चुनाव प्रक्रिया और नए नेतृत्व के चयन पर टिकी हुई हैं।