Summer express, गुरुग्राम। सोहना क्षेत्र के ठाकुरवाड़ा और गुर्जर घाटी में वन विभाग द्वारा जारी नोटिसों को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताओं के बीच सोहना विधायक तेजपाल तंवर खुलकर उनके समर्थन में सामने आए हैं। रविवार को नगर परिषद सभागार में आयोजित विशेष बैठक में विधायक ने कहा कि वर्षों से बसे परिवारों के आशियानों को किसी भी कीमत पर उजड़ने नहीं दिया जाएगा और इस मुद्दे का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए वह जल्द ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात करेंगे।
बैठक के दौरान विधायक ने कहा कि ठाकुरवाड़ा और गुर्जर घाटी में रहने वाले अनेक परिवार कई पीढ़ियों से यहां निवास कर रहे हैं। उनके पास भूमि और मकानों से संबंधित पुराने दस्तावेज भी मौजूद हैं। ऐसे में वन विभाग की कार्रवाई और नोटिसों के कारण क्षेत्र के लोगों में असमंजस और भय का माहौल बना हुआ है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ मामले को देखने और किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचने का आग्रह किया।
तेजपाल तंवर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी परिवार को बेघर नहीं होने दिया जाएगा और बिना उचित समाधान के किसी मकान पर बुलडोजर चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रभावित लोगों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में उपस्थित लोगों ने बताया कि वन विभाग ने सोहना पहाड़ी की तलहटी में स्थित ठाकुरवाड़ा और गुर्जर घाटी क्षेत्र के 200 से अधिक मकानों के अलावा कुछ धार्मिक स्थलों को भी चिह्नित करते हुए नोटिस जारी किए हैं। विभाग का दावा है कि यह भूमि संरक्षित वन क्षेत्र के दायरे में आती है। वहीं प्रभावित पक्ष के कुछ लोगों ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए न्यायालय का रुख किया है और मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है।
बैठक में शहर के विकास, सौंदर्यीकरण और यातायात प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई। विधायक ने अस्पताल रोड सहित प्रमुख मार्गों पर अव्यवस्थित ढंग से लगने वाली रेहड़ियों और अस्थायी अतिक्रमणों को हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक स्थानों के आवंटन में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि विकास कार्यों में देरी, जनसमस्याओं की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में नगर परिषद अधिकारियों, पार्षदों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।