सागर पाहवा | मोहाली
समर न्यूज
सेक्टर-71 स्थित पंजाब नेशनल बैंक में फर्जी पहचान के आधार पर खाता खुलवाकर 78 लाख रुपये की रकम निकालने के मामले में अदालत ने आरोपी संदीप सिंह को दोषी करार देते हुए तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जेएमआईसी की अदालत ने आरोपी को आईपीसी की धारा 419, 420, 465, 467, 468, 471, 474 और 201 के साथ धारा 120-बी के तहत दोषी ठहराया। सभी धाराओं में सुनाई गई सजाएं साथ-साथ चलेंगी। प्रत्येक धारा में 500 रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
अदालत में पेश मामले के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक सेक्टर-71 के तत्कालीन बैंक मैनेजर सुरिंदर कुमार शर्मा ने पुलिस को शिकायत दी थी। बैंक में नरेंद्र सिंह के नाम से बचत खाता खोला गया था। खाता खुलवाने के लिए पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस प्रस्तुत किए गए थे। इसके बाद खाते में 26 अक्टूबर 2016 का 78 लाख रुपये का चेक जमा किया गया। यह चेक गोरखपुर स्थित पीएनबी शाखा के खाते से जारी होना बताया गया था।
बैंक की ओर से चेक को जांच के बाद सही मानते हुए खाते में रकम जमा कर दी गई। इसके बाद 66 लाख रुपये नकद निकाल लिए गए। कुछ समय बाद गोरखपुर शाखा के एजीएम ने मोहाली शाखा को फोन कर बताया कि फर्जीवाड़ा हुआ है।
चेक के वास्तविक खाताधारक अशोक कुमार ने चेक जारी करने से इनकार किया और बताया कि संबंधित चेक नंबर वाला मूल चेक उसके पास ही है। इसके बाद बैंक ने खाते में दर्ज पते की जांच की, लेकिन वहां नरेंद्र सिंह नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला।