सरकारी खजाने को लाखों के नुकसान का आरोप
श्रीराम | पंचकूला
समर न्यूज
हरियाणा बागवानी विभाग की विभिन्न योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी ने तत्कालीन जिला उद्यान अधिकारी और वर्तमान संयुक्त निदेशक डॉ. सुधीर यादव, तत्कालीन एचडीओ सोरन सिंह समेत कई अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई वर्ष 2013 में शुरू हुई जांच के आधार पर की गई है।
जांच में सामने आया कि वर्ष 2007-08 से 2012-13 के बीच यमुनानगर जिले में सरकारी योजनाओं के तहत रिकॉर्ड में आम और चीकू के बाग लगाए जाने दर्शाए गए, जबकि कई स्थानों पर पौधे मृत मिले या मौजूद ही नहीं थे। रजहेड़ी गांव में 35 एकड़ आम और पांच एकड़ चीकू के बाग का रिकॉर्ड था, लेकिन निरीक्षण में पौधे नहीं मिले।
जांच में यह भी आरोप सामने आया कि गड्ढे खोदने के लिए निर्धारित 32 हजार रुपये की जगह किसानों को केवल 15 हजार रुपये दिए गए, जबकि रिकॉर्ड में भुगतान ठेकेदारों को दिखाया गया। गांव अलाहड़ में एक किसान के नाम पर एक एकड़ आम का बाग दर्ज था, जबकि मौके पर केवल तीन कनाल में 13 पौधे पाए गए। जैविक खेती योजना के तहत वर्मी कंपोस्ट यूनिट भी कई जगह केवल कागजों में दर्ज मिली। वहीं शिवालिक डेवलपमेंट स्कीम के तहत 6.30 लाख रुपये के सब्जी बीज किसानों तक नहीं पहुंचे और कार्यालय में ही एक्सपायर हो गए।
जांच में रोहतक, सिरसा, यमुनानगर, पानीपत, कुरुक्षेत्र, फतेहाबाद, रेवाड़ी और नारनौल में घटिया बीज के 82 मामले भी सामने आए। मामले की जांच 28 मार्च 2013 को शुरू हुई थी। एसीबी ने 18 जुलाई 2025 को अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी, जिसके बाद मंजूरी मिलने पर 2026 में एफआईआर दर्ज की गई। अब एजेंसी धनराशि जारी करने, खरीद, वितरण और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच करेगी।