Summer express, अंबाला (अंकुर कपूर)। सावन के पवित्र महीने में हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों के जत्थों से अंबाला शहर और आसपास का क्षेत्र शिवमय हो गया है। कांवड़ यात्रा के अंतिम दिन हाईवे से लेकर शहर की सड़कों तक हर ओर भगवान शिव के जयकारे सुनाई दे रहे हैं। कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जगह-जगह लगाए गए शिविरों में उनके ठहरने, भोजन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
अंबाला कैंट की अनाज मंडी में पिछले 28 वर्षों से शिव कांवड़ संघ की ओर से कांवड़ शिविर लगाया जा रहा है। इस शिविर में हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी, ठहरने और विश्राम समेत आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिविर के वरिष्ठ सदस्य के अनुसार रोजाना हजारों कांवड़िए यहां पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु कुछ समय शिविर में रुककर भोजन करते हैं और आराम करने के बाद अपने गंतव्य की ओर रवाना हो जाते हैं।
शिविर में कांवड़ियों की सेवा के लिए बड़ी संख्या में स्वयंसेवक जुटे हुए हैं। भोजन की व्यवस्था संभाल रहे हलवाई राय साहब ने बताया कि वह करीब 20 वर्षों से शिविर में कांवड़ियों के लिए खाना तैयार कर रहे हैं। शिविर में सुबह से रात करीब 11 बजे तक भोजन बनाने का काम चलता है। सुबह श्रद्धालुओं के लिए ब्रेड पकौड़े और इसके बाद दोपहर तथा रात के भोजन की व्यवस्था की जाती है।
हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे श्रद्धालुओं ने भी अंबाला में प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना की। कांवड़ियों ने बताया कि यात्रा के दौरान प्रशासन की ओर से रास्ते में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने मौसम को भी यात्रा के लिए अनुकूल बताया। अंबाला में लगाए गए कांवड़ शिविर की व्यवस्थाओं से भी श्रद्धालु संतुष्ट नजर आए और भोजन, पानी तथा विश्राम की बेहतर व्यवस्था के लिए शिविर संचालकों का आभार जताया।
सावन के दौरान कांवड़ यात्रा के साथ ही शिवभक्तों की सेवा के लिए लगाए गए शिविर भी आस्था और सेवा का केंद्र बने हुए हैं। अंबाला में कांवड़ यात्रा के अंतिम दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और गूंजते भोले के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा।