Facebook-f Youtube Summer Express - Header One X-twitter

भारत छोड़ो दिवस पर किसानों का जेल भरो आंदोलन, करनाल में राष्ट्रपति के नाम सौंपेंगे ज्ञापन

Summer express, करनाल। भारत छोड़ो दिवस की 84वीं वर्षगांठ के अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और विभिन्न किसान संगठनों के आह्वान पर सोमवार को देशभर में जेल भरो आंदोलन किया जा रहा है। इसी कड़ी में हरियाणा के करनाल में भी बड़ी संख्या में किसान जिला सचिवालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने की तैयारी में हैं। किसान संगठनों का कहना है कि आंदोलन के जरिए कृषि, आर्थिक और सामाजिक समस्याओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।

किसान नेताओं के अनुसार, आंदोलन को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का भी समर्थन मिला है। प्रदर्शन में किसान और कृषि मजदूरों के अलावा औद्योगिक श्रमिक, ग्रामीण मजदूर, युवा, महिलाएं तथा अन्य मेहनतकश वर्गों के लोग शामिल हो रहे हैं। किसान संगठनों का कहना है कि गांवों, पंचायतों, ब्लॉक स्तर, जिला मुख्यालयों और शहरों में विरोध प्रदर्शन के माध्यम से सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाई जा रही हैं।

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने कहा कि 9 दिसंबर 2021 को दिल्ली की सीमाओं पर चले किसान आंदोलन को समाप्त कराते समय केंद्र सरकार की ओर से कई आश्वासन दिए गए थे। किसान संगठनों का आरोप है कि इनमें से कई वादों पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में सोमवार को देशभर में आंदोलन किया जा रहा है।

किसानों की प्रमुख मांगों में सभी फसलों पर C2 लागत से 50 प्रतिशत अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी और सरकारी खरीद सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा किसानों की व्यापक कर्जमाफी और किसान आत्महत्या से प्रभावित परिवारों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई है। किसान संगठनों ने बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने और किसान आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी की है।

किसान संगठनों ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते का विरोध करते हुए मौजूदा मुक्त व्यापार समझौतों की समीक्षा और उन्हें रद्द करने की मांग रखी है। उनका कहना है कि ऐसे समझौतों का भारतीय कृषि और घरेलू उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही विद्युत निजीकरण विधेयक 2025, बीज विधेयक 2025 और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों को वापस लेने की मांग भी की गई है।

किसानों और मजदूर संगठनों ने मनरेगा के तहत साल में 200 दिन रोजगार और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके साथ ही चारों श्रम संहिताओं को रद्द करने और श्रमिकों के लिए 42 हजार रुपये मासिक न्यूनतम वेतन तय करने की मांग भी आंदोलन के एजेंडे में शामिल है।

किसान संगठनों ने जबरन भूमि अधिग्रहण और कॉरपोरेट आधारित भूमि पूलिंग पर रोक लगाने की मांग करते हुए किसानों के भूमि अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया है। भारतीय खाद्य निगम (FCI) को मजबूत करने, साइलो के निजीकरण पर रोक लगाने और कृषि एवं खाद्य क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति नहीं देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।

किसानों ने खाद की कमी और कालाबाजारी पर रोक लगाने, उर्वरकों पर सब्सिडी बहाल करने तथा पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने की मांग की है। इसके अलावा हर खेत तक सिंचाई की सुविधा पहुंचाने, सार्वजनिक क्षेत्र में फसल और पशुधन बीमा योजना लागू करने तथा 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन देने की मांग भी उठाई गई है।

ज्ञापन में बाढ़ और सूखे से प्रभावित किसानों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से राहत देने की मांग की गई है। किसान संगठनों ने अनुसंधान एवं विकास के लिए केंद्रीय बजट का छह प्रतिशत और GDP का तीन प्रतिशत तथा शिक्षा के लिए GDP का छह प्रतिशत खर्च करने की मांग भी रखी है। सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को कॉरपोरेट नियंत्रण से मुक्त रखते हुए लोकतांत्रिक तरीके से संचालित करने की मांग भी शामिल है।

किसान नेता रतनमान ने कहा कि राष्ट्रपति के नाम सौंपे जाने वाले ज्ञापन में किसानों, मजदूरों और आम जनता से जुड़े कई अहम मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से इन मामलों में हस्तक्षेप कर केंद्र सरकार से किसानों की मांगों पर जल्द कार्रवाई कराने की अपील की। किसान संगठनों ने संकेत दिया कि मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे भी जारी रखने की रणनीति तैयार की जा सकती है।

Karuna

infosummerexpress@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

सरकारी स्कूलों में आठवीं से बारहवीं तक एआई की पढ़ाई

समर न्यूज | चंडीगढ़पंजाब के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से आठवीं से बारहवीं कक्षा तक कंप्यूटर साइंस के पाठ्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को शामिल किया गया है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने इसके लिए विषय का नाम बदलकर कंप्यूटर साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (सीएसएआई)...

एससीओ बैठक के लिए भारत ने पाकिस्तान को दिया न्योता

एजेंसी | नई दिल्लीभारत ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के पहले सभ्यतागत संवाद मंच में भाग लेने के लिए पाकिस्तान सहित सभी सदस्य देशों को आमंत्रित किया है। तीन दिवसीय आयोजन 20 से 22 नवंबर तक नई दिल्ली में होगा।पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत एवं संस्कृति मंत्री औरंगजेब खान खिची को भी इसमें शामिल होने का...

शव को लेकर टकराव और प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर अल्पसंख्यक आयोग व मानवाधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट

एजेंसी | मानसा पंजाब के मानसा में युवक दलजीत सिंह की मौत के बाद शव को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुआ टकराव अब और गंभीर हो गया है। पुलिस ने अपने जवानों पर कथित हमले के मामले में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस का आरोप है कि 27 अक्टूबर को...

गुरुग्राम के भोंडसी में अवैध कॉलोनियों पर बड़ी कार्रवाई, 20 एकड़ में 241 डीपीसी और सड़क नेटवर्क ध्वस्त

Summer express, गुरुग्राम। नए गुरुग्राम में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी अभियान के तहत भोंडसी के शहरी क्षेत्र में बड़ी तोड़फोड़ कार्रवाई की गई। गांव की राजस्व सीमा के अंतर्गत विकसित की जा रही दो अवैध कॉलोनियों में करीब 20 एकड़ क्षेत्र में बने अनधिकृत...

रेवाड़ी में अवैध कॉलोनियों पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 12 एकड़ जमीन पर कार्रवाई

Summer express, रेवाड़ी। जिले में अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ जिला नगर योजनाकार विभाग ने सख्ती तेज कर दी है। इसी कड़ी में शाम सुठानी, बनीपुर और बावल में करीब 12 एकड़ जमीन पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों में तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई। इस दौरान 16 डीपीसी, 10 प्रीकास्ट चारदीवारी...
Summer Express - header one

हम लाते हैं तेज़, साफ़ और भरोसेमंद ख़बरें — शोर के बीच भी सच्चाई तक पहुंचाने वाली।
चाहे ब्रेकिंग न्यूज़ हो या आपके लिए अहम कहानियाँ, हर दिन हम देते हैं समझदारी और रोचक अंदाज़ में कवरेज।

Must Read

©2025- All Right Reserved.