समर न्यूज | चंडीगढ़
हरियाणा के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता नायब सिंह सैनी ने पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के बीच संभावित गठबंधन की अटकलों को खारिज कर दिया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा का गठबंधन किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं, बल्कि पंजाब की जनता के साथ है। सैनी ने विश्वास जताया कि भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में सरकार बनाएगी।
सैनी ने कहा कि भाजपा पंजाब में अपने संगठन को मजबूत कर रही है और चुनाव में सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर उतरने की तैयारी कर रही है। उन्होंने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। साथ ही पंजाब में नशे, बेरोजगारी और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा।
117 सीटों पर तैयारी
भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का जोर बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और सभी 117 सीटों पर चुनावी आधार तैयार करने पर है। पार्टी के लिए चुनौती यह होगी कि वह शहरी क्षेत्रों से बाहर अपना समर्थन कितना बढ़ा पाती है। 2027 के चुनाव में भाजपा और शिअद अलग-अलग मैदान में उतरते हैं तो इससे पंजाब में मुकाबले के समीकरण और बहुकोणीय हो सकते हैं।
पुराना गठबंधन, नई रणनीति
भाजपा और शिअद लंबे समय तक पंजाब की राजनीति में सहयोगी रहे हैं। दोनों दलों का गठबंधन 2020 में कृषि कानूनों को लेकर टूट गया था। इसके बाद भाजपा ने 2022 का विधानसभा चुनाव अलग रणनीति के साथ लड़ा। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने पंजाब की सभी 13 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ा था। हालांकि भाजपा के कुछ नेताओं ने अतीत में कहा है कि गठबंधन का सवाल पूरी तरह बंद अध्याय नहीं है और अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व तथा चुनावी परिस्थितियों के आधार पर होगा। ऐसे में सैनी का ताजा बयान फिलहाल पार्टी की घोषित स्वतंत्र चुनावी रणनीति को स्पष्ट करता है।
ग्रामीण पंजाब पर नजर
सैनी लगातार पंजाब में भाजपा के कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। पार्टी अब पारंपरिक शहरी आधार से आगे बढ़कर ग्रामीण और पिछड़े वर्गों के बीच भी अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है। शिअद के कुछ नेताओं के भाजपा में शामिल होने से भी दोनों दलों के बीच राजनीतिक दूरी के बावजूद पंजाब की चुनावी राजनीति में नई चर्चाएं तेज हुई हैं।