समर न्यूज | चंडीगढ़
पंजाब में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया अब महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार राज्य में ड्राफ्ट मतदाता सूची 13 अगस्त को जारी की जाएगी।
इसके बाद मतदाताओं को अपने नाम की जांच करने और किसी तरह की गलती होने पर दावा या आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव करीब पांच महीने बाद होने हैं, ऐसे में मतदाता सूची का यह पुनरीक्षण राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एसआईआर के तहत राज्य की 117 विधानसभा सीटों और सभी 23 जिलों में घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया गया।
निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार पंजाब में 2,14,61,043 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,93,94,408 ने गणना प्रपत्र जमा किए। यह कुल मतदाताओं का करीब 90.37 प्रतिशत है। वहीं 20.66 लाख मतदाता ऐसे मिले, जिनके प्रपत्र जमा नहीं हो सके या जिनका सत्यापन नहीं हो पाया। इन 20.66 लाख मतदाताओं में 9,44,131 के स्थायी रूप से दूसरी जगह चले जाने की जानकारी मिली है।
5,74,568 मतदाताओं को मृत पाया गया, जबकि 4,12,715 मतदाता घर पर नहीं मिले या उनका पता नहीं चल सका। इसके अलावा 1,19,145 नाम दोहरी प्रविष्टि यानी डुप्लीकेट पाए गए। इन आंकड़ों का मतलब यह नहीं है कि सभी नाम अंतिम रूप से मतदाता सूची से हट गए हैं। अंतिम फैसला दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगा।
12.80 लाख नामों की भी होगी जांच
एसआईआर के दौरान जिन मतदाताओं ने प्रपत्र जमा किए, उनमें करीब 12.80 लाख नाम ऐसे हैं जिनका 2003 या उससे पहले की उपलब्ध मतदाता सूचियों से मिलान नहीं हो पाया। निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक ऐसे मतदाताओं को भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने पात्र होने का प्रमाण देने का अवसर मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि एसआईआर का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को हटाना नहीं, बल्कि सूची को अधिक सटीक बनाना और अपात्र प्रविष्टियों को दूर करना है।
नाम, पते और अन्य विवरणों की जांच कर सकेंगे
ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद मतदाता अपने नाम, पते और अन्य विवरणों की जांच कर सकेंगे। किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूटने या गलत जानकारी दर्ज होने पर निर्धारित अवधि में दावा या आपत्ति दाखिल की जा सकेगी। निर्वाचन आयोग ने पंजाब के लिए संशोधित कार्यक्रम जारी करते हुए अंतिम मतदाता सूची 12 अक्टूबर को प्रकाशित करने का कार्यक्रम तय किया है।
दावे-आपत्तियों के बाद अंतिम सूची
पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 की शुरुआत में होने हैं। इसलिए एसआईआर के जरिए तैयार होने वाली अंतिम मतदाता सूची आगामी चुनाव की बुनियादी सूची होगी। राजनीतिक दलों के लिए भी ड्राफ्ट सूची महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि वे अपने स्तर पर नामों की जांच और दावे-आपत्तियां दाखिल कर सकेंगे।