Summer express, अंकुर कपूर, अंबाला। नगर पालिका कर्मचारी संघ की हड़ताल बुधवार को सातवें दिन भी जारी रही। अंबाला छावनी में सफाई कर्मचारियों समेत नगर पालिका के अन्य कर्मचारी नगर पालिका कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने इसके बाद बाजार क्षेत्र में रोष मार्च निकाला और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
नगर पालिका कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि मांगों को लेकर सरकार के साथ कई बार बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक किसी ठोस नतीजे पर सहमति नहीं बन पाई है। कर्मचारियों के अनुसार, सरकार की ओर से पहले आश्वासन दिए जाते रहे, जिसके बाद कर्मचारी काम पर लौटते रहे, लेकिन मांगें पूरी नहीं होने के कारण उन्हें दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
संघ के हरियाणा राज्य उपप्रधान सेवाराम बहोत ने कहा कि हड़ताल का बुधवार को सातवां दिन है, लेकिन सरकार कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने 13 मई को कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। इसी वजह से कर्मचारियों में रोष है और उन्हें दोबारा हड़ताल पर बैठना पड़ा है।
सेवाराम बहोत ने बताया कि मंगलवार को विभिन्न जिलों के कर्मचारी नेताओं और प्रधानों ने सरकार के साथ बातचीत की थी, लेकिन वार्ता में सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने पुराने वादे से पीछे हट रही है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रखने पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी हड़ताल करके आम जनता को परेशान नहीं करना चाहते और न ही उन्हें आंदोलन करने का शौक है। कर्मचारियों को अपनी मांगें मनवाने के लिए मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा है। उन्होंने सरकार से जल्द बातचीत कर मांगों का समाधान करने की अपील की।