Summer express, फरीदाबाद (अनिल मंगला): आयुर्वेदिक उपचार के नाम पर सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और गलत जानकारियों को लेकर जीवा आयुर्वेद के संस्थापक डॉ. प्रताप चौहान ने चिंता जताई है। उन्होंने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि लोगों को गुमराह करने वाले फर्जी वैद्यों और बिना उचित योग्यता के इलाज का दावा करने वालों के खिलाफ जागरूकता और कार्रवाई का अभियान शुरू किया जाएगा।
डॉ. चौहान ने कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण आयुर्वेद और विभिन्न बीमारियों के उपचार को लेकर कई तरह के दावे सामने आ रहे हैं। इनमें से कुछ दावे वैज्ञानिक और चिकित्सकीय आधार के बिना किए जाते हैं, जिससे लोग भ्रमित होकर गलत उपचार अपना सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा कि वे सोशल मीडिया पर किए जा रहे आयुर्वेदिक उपचार संबंधी दावों की विश्वसनीयता कैसे जांचें। साथ ही, योग्य चिकित्सक और फर्जी तरीके से इलाज का दावा करने वाले व्यक्ति के बीच अंतर समझाने का प्रयास किया जाएगा।
डॉ. प्रताप चौहान ने लोगों से अपील की कि किसी भी गंभीर बीमारी के उपचार के संबंध में सोशल मीडिया पर मिलने वाली जानकारी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। इलाज शुरू करने से पहले योग्य एवं प्रशिक्षित चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सही जानकारी और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह के जरिए ही मरीजों को गलत उपचार और भ्रामक दावों से बचाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जरूरी है कि प्रमाणिक चिकित्सा पद्धति और सही जानकारी को बढ़ावा दिया जाए तथा लोगों को गुमराह करने वाली सामग्री के प्रति सतर्क किया जाए।