Summer express, फतेहाबाद। जिले के प्रमुख शहर टोहाना को लंबे समय से बनी ट्रैफिक समस्या से राहत दिलाने के लिए बाईपास निर्माण की मांग अब संसद तक पहुंच गई है। राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने संसद में विशेष उल्लेख के माध्यम से टोहाना बाईपास का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से जल्द सर्वे कराने की मांग की।
सांसद ने राष्ट्रीय राजमार्ग-148बी (NH-148B) पर टोहाना शहर के बाहरी हिस्से से बाईपास बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि बाईपास बनने से शहर के बीच से गुजरने वाला भारी वाहनों का दबाव कम होगा और लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।
वर्तमान में NH-148B फतेहाबाद के सुरेवाला चौक से होकर टोहाना शहर के बीच से गुजरता है और आगे पंजाब की सीमा में प्रवेश करता है। इस मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में ट्रक, ट्रेलर और अन्य मालवाहक वाहन आवाजाही करते हैं। भारी वाहनों के शहर के अंदर से गुजरने के कारण मुख्य बाजारों और प्रमुख चौराहों पर अक्सर यातायात प्रभावित रहता है।
ट्रैफिक के बढ़ते दबाव से स्थानीय लोगों, व्यापारियों, किसानों और स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। भारी वाहनों की आवाजाही के चलते सड़क हादसों का खतरा भी बना रहता है। इसके अलावा वाहनों से निकलने वाला धुआं और लगातार बजने वाले हॉर्न वायु एवं ध्वनि प्रदूषण की समस्या को भी बढ़ा रहे हैं।
सुभाष बराला ने संसद में कहा कि टोहाना कृषि और व्यापार की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों के साथ आने वाले समय में वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अभी से बाईपास की योजना तैयार करना जरूरी है।
सांसद ने केंद्र सरकार से टोहाना के बाहरी क्षेत्र में बाईपास के लिए उपयुक्त मार्ग निर्धारित करने के उद्देश्य से तकनीकी सर्वेक्षण जल्द कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सर्वे पूरा होने के बाद परियोजना को वित्तीय और प्रशासनिक मंजूरी देकर प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य शुरू किया जाना चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार की सड़क एवं हाईवे परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में देश में सड़क अवसंरचना का तेजी से विस्तार हुआ है। ऐसे में NH-148B पर टोहाना बाईपास का निर्माण भी क्षेत्र की यातायात जरूरतों को देखते हुए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
बाईपास बनने से शहर के मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों का दबाव कम होने के साथ सड़क सुरक्षा में सुधार की उम्मीद है। इससे वायु और ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी तथा स्थानीय बाजारों में यातायात सुचारू होने से व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिल सकता है। साथ ही हरियाणा और पंजाब के बीच माल ढुलाई एवं यात्री परिवहन अधिक सुगम और सुरक्षित होने की संभावना है।