रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी में हंस नगर में हुए भीषण मकान ब्लास्ट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। हादसे में पिता-बेटी की मौत हो गई थी, जबकि दो साल की बच्ची समेत तीन लोग झुलस गए थे। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पीएनजी लीकेज की आशंका के आधार पर पाइपलाइन बिछाने वाली कंपनी से जुड़े तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, ब्लास्ट के वास्तविक कारण की पुष्टि के लिए सीएफएल की रिपोर्ट अभी आना बाकी है।
मामले की जांच पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा के निर्देश पर मॉडल टाउन थाना पुलिस के बजाय सदर थाना पुलिस को सौंपी गई थी। पीएसआई राकेश कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। पुलिस ने हादसे के बाद घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ स्थानीय लोगों और संबंधित पक्षों से पूछताछ की थी।
हंस नगर निवासी मधु ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 5 जुलाई को वह घर की रसोई में चाय बनाने के बाद अपने पति सतबीर के पास बैठी थी। उनका पड़ोसी जयभगवान भी घर में मौजूद था। इसी दौरान मधु बर्तन धोने के लिए रसोई में गई। कुछ देर बाद उनकी बेटी तन्नू ने कपड़े प्रेस करने के लिए बिजली का स्विच ऑन किया और अचानक घर में जोरदार धमाका हो गया।
विस्फोट इतना तेज था कि घर में मौजूद लोग गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे में सतबीर, उनकी बेटी तन्नू और दो वर्षीय भतीजी खुशी समेत कई लोग घायल हुए। मधु ने भी आग बुझाने का प्रयास किया, जिसके दौरान उनके हाथ झुलस गए। आसपास के लोगों ने सभी घायलों को उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया।
मधु के अनुसार, हादसे से कुछ समय पहले उनके पति ने घर के गेट के पास गैस जैसी गंध महसूस होने की बात कही थी। परिवार की ओर से आशंका जताई गई थी कि पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान गैस का रिसाव हुआ और घर के अंदर गैस जमा होने के बाद बिजली का स्विच ऑन करने से विस्फोट हुआ। शिकायत के आधार पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर पीएनजी लीकेज की आशंका को आधार बनाया और पाइपलाइन का काम करने वाली कंपनी से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में आईजीएल का ठेका लेने वाली पीएससी ट्रेडर्स कंपनी का प्रोजेक्ट मैनेजर राहुल, सुपरवाइजर संदीप और सहयोगी कंपनी रिसोंस के आरसीएम रंजीत शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपितों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई है।
हालांकि, इस मामले में अभी ब्लास्ट का अंतिम कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। कंपनी प्रबंधन ने गैस रिसाव की संभावना को खारिज किया था। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञों की टीम ने भी घटनास्थल की जांच की थी, लेकिन जांच से कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया। अब पुलिस को सीएफएल की रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके आधार पर विस्फोट के कारणों की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
हादसे में गंभीर रूप से घायल तन्नू और उसके पिता सतबीर को बेहतर उपचार के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया था। उपचार के दौरान पहले तन्नू ने दम तोड़ दिया और इसके अगले दिन उसके पिता सतबीर की भी मौत हो गई। इस हादसे में मकान को भी भारी नुकसान पहुंचा था। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि घर का गेट टूटकर दूर जा गिरा और कई स्थानों पर टाइलें उखड़ गई थीं।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपितों से पूछताछ कर रही है और सीएफएल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। બ્લास्ट के पीछे गैस रिसाव था या कोई अन्य तकनीकी कारण, इसकी अंतिम पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।