Summer express , राहुल चावला, धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही राष्ट्रगान को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। विधानसभा में राष्ट्रगान के दौरान भाजपा विधायकों पर नारेबाजी करने के आरोपों के विरोध में कांग्रेस ने धर्मशाला में धरना-प्रदर्शन किया। उपायुक्त कार्यालय परिसर के बाहर राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के सम्मान का मुद्दा उठाया।
प्रदर्शन के दौरान अनुराग शर्मा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद से संसद और विधानसभा के सत्रों की शुरुआत राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से करने की परंपरा रही है, जबकि सत्र के समापन पर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ गाया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन राष्ट्रगान के दौरान भाजपा विधायकों ने नारेबाजी की और उसी समय राष्ट्रगीत गाने की मांग उठाई।
अनुराग शर्मा ने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों का सम्मान करती है। दोनों देश की एकता, सम्मान और गौरव से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में राज्यसभा में भी सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान और समापन राष्ट्रगीत के साथ हुआ, जो लंबे समय से चली आ रही संसदीय परंपरा का हिस्सा है।
भाजपा की ओर से उठाए जा रहे अन्य मुद्दों पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। अनुराग शर्मा ने आरोप लगाया कि जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से हटाने के लिए अलग-अलग विषयों को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। उन्होंने नीट पेपर लीक और राम जन्मभूमि चंदे से जुड़े आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों पर भी सवाल उठाए गए हैं।
विजिलेंस जांच और स्थानीय विधायक से जुड़े मामले पर अनुराग शर्मा ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने कोई गलत काम नहीं किया है तो उसे जांच से डरने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून और संविधान से ऊपर कोई नहीं है तथा जांच एजेंसियों को अपना काम करने देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ भी शिकायतें हुई हैं, लेकिन उन्होंने कभी भीड़ या नारेबाजी का सहारा नहीं लिया और कानूनी प्रक्रिया का सामना किया है। लोकतंत्र में सभी को कानून और संवैधानिक व्यवस्था पर विश्वास रखना चाहिए।