Summer express ,गुलशन धनौआ ,देहरा। कांग्रेस कार्यालय पर लगे पार्टी के झंडे उतारने को लेकर देहरा में सियासी विवाद गहरा गया है। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर पार्टी कार्यालय के बाहर विवाद की स्थिति पैदा करने और कांग्रेस के झंडे हटाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी के झंडे केवल कपड़े का टुकड़ा नहीं, बल्कि संगठन की पहचान, विचारधारा और सम्मान का प्रतीक हैं। ऐसे में उन्हें उतारना या नुकसान पहुंचाने का प्रयास स्वीकार्य नहीं है।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, झंडे हटाए जाने से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। कांग्रेस का दावा है कि वीडियो में भाजपा नेता राजन शर्मा सहित कुछ अन्य लोगों को कांग्रेस कार्यालय पर लगे झंडे खोलते हुए देखा जा सकता है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पूरे घटनाक्रम से जुड़े वीडियो उनके पास भी मौजूद हैं।
युवा कांग्रेस नेताओं अभिषेक नरोत्रा और सुमित ठाकुर ने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस कार्यालय में पार्टी की बैठक चल रही थी, उसी दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। उनका कहना है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने माहौल को बिगड़ने से बचाने के लिए संयम बरता।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता अपने कार्यालय या निर्धारित स्थान पर पार्टी के झंडे और तंबू लगाने के लिए स्वतंत्र हैं। कांग्रेस ने कभी भाजपा के झंडे हटाने या उसके कार्यक्रम में हस्तक्षेप करने का प्रयास नहीं किया। ऐसे में कांग्रेस कार्यालय पर लगे झंडों को उतारना उचित नहीं है।
राजन शर्मा के कांग्रेस कार्यालय पहुंचने को लेकर भी कांग्रेस नेताओं ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अतिथि के रूप में कार्यालय आता है तो कांग्रेस की परंपरा उसका सम्मान करने की रही है। नेताओं के मुताबिक, राजन शर्मा और अन्य लोगों के कार्यालय पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया और चाय भी पिलाई।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के साथ विवाद करना नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यालय और झंडों के सम्मान से समझौता नहीं किया जाएगा। कांग्रेस ने कहा कि घटनाक्रम से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर उपलब्ध हैं और जनता स्वयं उन्हें देखकर तय कर सकती है कि विवाद की शुरुआत किस ओर से हुई।