सागर पाहवा | मोहाली
समर न्यूज
मोहाली में एक नाबालिग किशोरी को घर में घुसकर जिंदा जलाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि एक युवक काफी समय से किशोरी पर उससे बात करने का दबाव बना रहा था और राह चलते उसे परेशान करता था।
शुक्रवार को आरोपी दो साथियों के साथ किशोरी के घर पहुंचा। किशोरी को घर में अकेला पाकर आरोपियों ने कथित तौर पर उस पर सैनिटाइजर छिड़ककर आग लगा दी और कमरे को बाहर से बंद कर फरार हो गए।
आग में किशोरी करीब 80 फीसदी झुलस गई। उसे पहले सिविल अस्पताल फेज-6 ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। किशोरी के पिता का कहना है कि आरोपी युवक काफी समय से उनकी बेटी पर उससे बात करने का दबाव बना रहा था। आरोप है कि वह कई बार राह चलते किशोरी से छेड़छाड़ भी कर चुका था। करीब एक महीने पहले परिवार ने इसकी शिकायत पुलिस को दी थी। उस समय आरोपी ने माफी मांग ली थी। परिजनों का आरोप है कि इसके बावजूद उसने किशोरी को परेशान करना जारी रखा और अब उस पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही फेज-8बी पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम, आरोपियों की भूमिका और आग लगाने के तरीके की जांच कर रही है।
पहले कमरे में बंद किया, विरोध पर हुआ विवाद
परिजनों के मुताबिक आरोपी युवक शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे घर पहुंचा और किशोरी को उसके चाचा के कमरे में बंद कर दिया। चाचा ने इसका विरोध किया तो दोनों के बीच हाथापाई हुई। इसके बाद चाचा ने किशोरी को उसके कब्जे से छुड़ा लिया। कुछ देर बाद किशोरी के पिता और चाचा काम पर चले गए।
दो साथियों के साथ दोबारा घर पहुंचा आरोपी
पिता और चाचा के घर से निकलने के बाद युवक अपने दो चचेरे भाइयों के साथ दोबारा वहां पहुंचा। उस समय किशोरी घर में अकेली थी। तीनों ने उसे घेर लिया। आरोप है कि इसी दौरान मुख्य आरोपी ने किशोरी पर सैनिटाइजर छिड़ककर आग लगा दी।
80 फीसदी जली किशोरी
आग लगते ही किशोरी चीखने लगी। उसकी चीखें सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे तो कमरे का दरवाजा बाहर से बंद मिला। पड़ोसियों ने इसकी सूचना परिजनों को दी। परिजनों के पहुंचने पर ताला तोड़कर किशोरी को कमरे से बाहर निकाला गया। तब तक उसके शरीर का करीब 80 फीसदी हिस्सा झुलस चुका था।