Summer express/यमुनानगर, परवेज़ खान-:हरियाणा में हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) और सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर युवाओं और कर्मचारियों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। राज्यसभा सांसद कर्मवीर बौद्ध ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए HKRN में कार्यरत युवाओं और सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
कर्मवीर बौद्ध ने आरोप लगाया कि HKRN के जरिए युवाओं को कम वेतन पर रोजगार दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस संस्था की शुरुआत प्रशिक्षण केंद्र के रूप में हुई थी, उसे बाद में आउटसोर्सिंग व्यवस्था का माध्यम बना दिया गया। बौद्ध के मुताबिक युवाओं को करीब 15 से 16 हजार रुपये के वेतन पर काम करना पड़ रहा है, जो उनके साथ अन्याय है।
राज्यसभा सांसद ने मांग की कि सरकारी विभागों में भर्तियां हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के माध्यम से नियमित तरीके से की जाएं। उन्होंने आउटसोर्सिंग व्यवस्था को खत्म करने की मांग करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के युवाओं को स्थायी रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।बौद्ध ने HKRN की भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती में बाहरी राज्यों के युवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे हरियाणा के युवाओं के हित प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और स्थानीय युवाओं को उचित अवसर देने की मांग की।
वहीं, सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर भी कर्मवीर बौद्ध ने सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि करीब डेढ़ लाख सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही। बौद्ध ने कहा कि उन्होंने राज्यसभा में भी सफाई कर्मचारियों के अधिकारों और मांगों को लेकर लिखित रूप से आवाज उठाई है।उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर तत्काल बातचीत कर समाधान निकालने की अपील की। HKRN, भर्ती प्रक्रिया और सफाई कर्मचारियों के मुद्दों को लेकर आने वाले दिनों में हरियाणा की राजनीति और गरमाने के आसार हैं।