Summer express/चंबा, मंजूर पठान -: हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा नशे, विशेषकर चिट्टे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में चंबा जिले के सलूणी विकासखंड में पंचायत स्तर पर भी एंटी-चिट्टा जागरूकता अभियान शुरू करने की पहल की गई है। खंड विकास अधिकारी सलूणी की ओर से विकासखंड की 46 पंचायतों के प्रतिनिधियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि प्रत्येक पंचायत में एक स्वयंसेवी का चयन किया जाए। यह स्वयंसेवी पंचायत क्षेत्र में युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और आम लोगों को चिट्टे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेगा।
अभियान के माध्यम से लोगों को बताया जाएगा कि नशे की लत किस तरह व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ पूरे परिवार को मानसिक और आर्थिक संकट में डाल सकती है। पंचायत स्तर पर जागरूकता बढ़ाकर युवाओं को नशे से दूर रखने और ग्रामीण क्षेत्रों में इसके खिलाफ सामूहिक प्रयास मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है.सलूणी विकासखंड में एंटी-चिट्टा अभियान को पंचायत स्तर तक पहुंचाने के लिए सभी पंचायत प्रतिनिधियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रत्येक पंचायत में एक स्वयंसेवी की जिम्मेदारी तय की जाएगी, जो लोगों के बीच जाकर चिट्टे के सेवन से होने वाले सामाजिक, मानसिक, शारीरिक और आर्थिक नुकसान के बारे में जानकारी देगा।खंड विकास अधिकारी सलूणी कंवर सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देशों के तहत पंचायतों के माध्यम से एंटी-चिट्टा अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को अपनी-अपनी पंचायत में स्वयंसेवी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश पहुंचाया जा सके।उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है और पंचायत स्तर पर चलाया जा रहा यह अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।