summer express , राकेश कुमार शर्मा ,करनाल। लंबे समय से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच करनाल प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाते हुए शहर की सफाई व्यवस्था बहाल करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार देर शाम नगर निगम के वाहन यार्ड को खाली करवाने पहुंची पुलिस और धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने मौके से करीब 20 से 30 महिला और पुरुष सफाई कर्मचारियों को हिरासत में लिया। प्रशासन की ओर से अब नगर निगम के सफाई वाहनों को यार्ड से बाहर निकालकर शहर में कूड़ा उठाने की तैयारी की जा रही है।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर के कई हिस्सों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सफाई अभियान दोबारा शुरू करने के लिए नगर निगम के वाहन यार्ड को खाली करवाने का फैसला लिया।
प्रशासन की कार्रवाई के दौरान पुलिस बल को नगर निगम वाहन यार्ड में तैनात किया गया। यहां सफाई कर्मचारी धरने पर बैठे थे। पुलिस और कर्मचारियों के बीच बातचीत के दौरान कहासुनी बढ़ गई और मामला टकराव तक पहुंच गया। इसके बाद पुलिस ने कई कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
हिरासत में लिए गए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के करनाल जिला अध्यक्ष सुशील गुर्जर ने कहा कि कर्मचारी गिरफ्तारी या जेल जाने से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कर्मचारियों के साथ समझौता किया था, लेकिन उसे अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि 13 मई को सरकार के साथ हुए समझौते को लागू करवाने के लिए कर्मचारियों का आंदोलन जारी रहेगा और वे अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।
वहीं, हिरासत में ली गई महिला सफाई कर्मचारियों ने भी प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाले कर्मचारी भी हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं। ऐसे में सफाई वाहनों को यार्ड से बाहर निकालकर कूड़ा उठाने की कोशिश क्यों की जा रही है। महिला कर्मचारियों ने सरकार पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मांगों का समाधान होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।
प्रशासन का प्रयास है कि सफाई वाहनों को यार्ड से बाहर निकालकर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भेजा जाए और लंबे समय से जमा कूड़े को हटाने का अभियान शुरू किया जाए। एक ओर कर्मचारी अपनी मांगों और सरकार के साथ हुए समझौते को लागू करवाने की मांग पर अड़े हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन के सामने शहर की सफाई व्यवस्था को जल्द बहाल करने की चुनौती है। अब प्रशासन की कार्रवाई और कर्मचारियों की हड़ताल के बीच आगे की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।