Summer express, भिवानी। धानी लक्ष्मण गांव की 19 वर्षीय मनीषा की मौत के मामले में गुरुवार को पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में सुनवाई हुई। मामले में मनीषा के परिवार को अभी तक सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट की प्रति नहीं मिल सकी है। सुनवाई के दौरान मनीषा के पिता संजय कुमार अदालत में पेश हुए। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 सितंबर की तारीख निर्धारित की है।
सीबीआई ने 12 अगस्त 2026 को अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। रिपोर्ट में मनीषा की मौत को आत्महत्या बताया गया है। हालांकि, परिवार सीबीआई की इस रिपोर्ट से सहमत नहीं है। मनीषा के पिता संजय कुमार का आरोप है कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती थी और उसकी हत्या की गई है। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सीबीआई की जांच पर भी सवाल उठाए हैं।
परिवार के मुताबिक, 27 अगस्त को होने वाली सुनवाई में सीबीआई की रिपोर्ट से संबंधित दस्तावेज अदालत में पेश किए जाने थे, लेकिन सुनवाई टलने के कारण अब यह प्रक्रिया 7 सितंबर को होने की उम्मीद है। परिवार का कहना है कि उन्हें अभी तक क्लोजर रिपोर्ट की पूरी प्रति भी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
मनीषा के परिवार के अनुसार, वह 11 अगस्त को घर से लापता हुई थी। इसके दो दिन बाद 13 अगस्त को उसका शव सिंघानी नहर के पास बरामद हुआ था। उसकी मौत को लेकर शुरू से ही विवाद रहा है। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मनीषा की मौत तेजधार हथियार से गला रेतने के कारण होने की बात सामने आई थी, जबकि रोहतक पीजीआई की बाद की रिपोर्ट में मौत को आत्महत्या बताया गया।
इसी मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने भी 12 अगस्त 2026 को अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की और मनीषा की मौत को आत्महत्या माना। हालांकि, परिवार इस निष्कर्ष को स्वीकार नहीं कर रहा है और हत्या की आशंका जताते हुए न्याय की मांग कर रहा है।