Summer express, रसुवा। नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। कई इलाकों में भारी तबाही के बीच नेपाली सेना और स्थानीय पुलिस राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई है। इसी दौरान नेपाली सेना ने रसुवा जिले में अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोप्रोजेक्ट की सुरंग से चलाए गए एक मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो जारी किया है। वीडियो में मलबे और कीचड़ के बीच फंसे लोग जान बचाने के लिए रेंगते हुए बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं। बचाव दल के जवानों ने जोखिम उठाकर एक-एक कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
नेपाली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजा राम बस्नेत के अनुसार, बाढ़ के बाद पूरा इलाका कीचड़ और मलबे से ढक गया है। इसके चलते सुरंग के प्रवेश और निकास द्वारों का पता लगाना बचाव दल के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। उन्होंने कहा कि हालात बेहद कठिन होने के बावजूद सुरंग में फंसे लोगों को जल्द से जल्द और सुरक्षित बाहर निकालना सेना की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्र होने के कारण राहत एवं बचाव टीमों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त या पूरी तरह बह गए हैं, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने और लापता लोगों की सही लोकेशन का पता लगाने में परेशानी हो रही है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत की खबर है, जबकि एक हजार से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई क्षेत्रों में मुख्य सड़कों समेत करीब 30 से 35 किलोमीटर का इलाका बाढ़ के पानी और मलबे में बह गया है। कई शव मलबे से बरामद किए गए हैं, जिनमें से कुछ की पहचान अभी नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई जगहों पर हालात इतनी तेजी से बिगड़े कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
नेपाल में जारी इस तबाही को वर्ष 2015 में आए विनाशकारी भूकंप के बाद देश की सबसे गंभीर प्राकृतिक आपदाओं में से एक बताया जा रहा है। मानवीय संगठनों ने संकट की गंभीरता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद के लिए आगे आने की अपील की है। मानवीय मामलों से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि कई परिवारों ने अपना घर और आजीविका पूरी तरह खो दी है और उन्हें तत्काल राहत की जरूरत है।
इस बीच नेपाल के कुछ सीमावर्ती इलाकों में एक और बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। जानकारी के अनुसार, तिब्बत सीमा के पास ग्यिरोंग बॉर्डर पोर्ट के ऊपर स्थित एक प्राकृतिक झील के किनारे के टूटने की खबर है। इसके चलते सीमावर्ती क्षेत्रों में दोबारा बाढ़ आने की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है।
लगातार हो रही बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के कारण नेपाल के कई हिस्सों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। सेना, पुलिस और स्थानीय बचाव दल मुश्किल परिस्थितियों में राहत अभियान चला रहे हैं। प्रशासन का फोकस फिलहाल मलबे में फंसे लोगों को निकालने, लापता लोगों की तलाश करने और प्रभावित परिवारों तक जरूरी सहायता पहुंचाने पर है।