Summer express/शिमला, संजू-: राजधानी शिमला के लोअर बाजार में तहबाजारियों और नगर निगम के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर गरमा गया है। शनिवार को तहबाजारियों ने CITU के समर्थन से लोअर बाजार में दुकानें लगाकर नगर निगम की कार्रवाई का विरोध किया।प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया कि रोजी-रोटी के संकट के बीच अब वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और अपने रोजगार की बहाली के लिए आंदोलन को और तेज करेंगे।शिमला नगर निगम की ओर से प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना में नो-वेंडिंग जोन में अवैध कब्जों, तहबाजारियों और फड़ी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पिछले कुछ समय से चल रही इस कार्रवाई के कारण बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडर्स का कारोबार प्रभावित हुआ है। इसी के विरोध में शनिवार को तहबाजारियों ने लोअर बाजार में दोबारा दुकानें लगाकर अपना विरोध दर्ज करवाया।
तहबाजारी यूनियन के अध्यक्ष पवन ने कहा कि रेहड़ी-फड़ी लगाकर परिवार का पालन-पोषण करना उनका रोजगार है।उनका कहना है कि स्ट्रीट वेंडर्स को आजीविका कमाने का अधिकार कानून और न्यायपालिका द्वारा भी संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि तहबाजारी पिछले करीब दो महीनों से काम बंद होने के कारण आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं और उनकी मांग केवल इतनी है कि उन्हें ऐसा स्थान उपलब्ध करवाया जाए, जहां ग्राहक आसानी से पहुंच सकें और वे सम्मानजनक तरीके से अपना कारोबार चला सकें।पवन के मुताबिक, नगर निगम की ओर से विक्रेताओं को आजीविका भवन की छत पर स्थान दिया गया है, लेकिन वहां ग्राहकों की आवाजाही बेहद कम है।ऐसे में दुकानदारों के लिए वहां कारोबार करना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से हाईकोर्ट में यह कहा गया कि यूनियन के पदाधिकारी विक्रेताओं को भटका रहे हैं, जबकि उनका कहना है कि अगर वैकल्पिक स्थान पर कारोबार संभव होता तो विक्रेता खुद वहां चले जाते।उन्होंने कहा कि लंबे समय से काम बंद होने के कारण कई परिवारों के सामने बच्चों की स्कूल फीस, घर का किराया और दवाइयों का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है। पवन ने कहा कि इस मुश्किल समय में सरकार और प्रशासन को उनकी समस्याओं को समझते हुए बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी रोजी-रोटी का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन में शामिल एक महिला तहबाजारी ने भी आर्थिक परेशानियों का जिक्र किया। महिला के अनुसार, पिछले दो महीनों से काम बंद होने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। बच्चों की पढ़ाई, घर का किराया और रोजमर्रा के खर्च पूरे करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की। तहबाजारियों के समर्थन में CITU प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्ट्रीट वेंडर्स के पुनर्वास और आजीविका से जुड़े प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को कार्रवाई के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि विक्रेताओं के लिए स्थायी और व्यावहारिक व्यवस्था किए बिना उन्हें हटाना उचित नहीं है।
मेहरा ने मांग की कि नगर निगम पुलिस बल के इस्तेमाल और सख्ती के बजाय चुनी हुई टाउन वेंडिंग कमेटी और तहबाजारी यूनियनों के साथ बैठक करे और ऐसा समाधान निकाले, जिससे बाजार की व्यवस्था भी बनी रहे और विक्रेताओं की आजीविका भी सुरक्षित हो।CITU ने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम की ओर से जबरन कार्रवाई की गई तो उसका विरोध किया जाएगा। संगठन ने कहा कि तहबाजारियों का संघर्ष किसी राजनीतिक मुद्दे के लिए नहीं, बल्कि रोजगार और परिवार की आजीविका बचाने के लिए है। फिलहाल लोअर बाजार में एक बार फिर तहबाजारियों के सड़क पर उतरने से नगर निगम और विक्रेताओं के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और दोनों पक्षों के बीच होने वाली बातचीत पर है।