Summer express/शिमला -:राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर शिमला स्थित लोकभवन में पहली बार हिमाचल प्रदेश के वेटरन खिलाड़ियों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने प्रदेश और देश का नाम रोशन करने वाले अनुभवी खिलाड़ियों से मुलाकात कर खेलों को बढ़ावा देने और खेल सुविधाओं को मजबूत करने पर चर्चा की। इस दौरान खिलाड़ियों ने प्रदेश में खेल मैदानों की कमी, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं को तलाशने से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। राज्यपाल ने खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए खेल उपकरणों की खरीद हेतु एक लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा भी की।
लोकभवन में आयोजित संवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वेटरन खिलाड़ियों के अनुभवों का लाभ लेकर प्रदेश में खेल संस्कृति को और मजबूत करना रहा। खिलाड़ियों ने शिमला समेत प्रदेश के कई क्षेत्रों में खेल मैदानों और आधारभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने सुझाव दिया कि विद्यालयों के खेल मैदानों को स्कूल समय के बाद बच्चों और युवा खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक प्रतिभाओं को अभ्यास का अवसर मिल सके।वेटरन खिलाड़ियों ने हॉकी, एथलेटिक्स और वॉलीबॉल जैसे पारंपरिक खेलों को मजबूत करने के साथ खिलाड़ियों की फिटनेस और सहनशक्ति पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई। वहीं, प्रदेश में मौजूद उच्च ऊंचाई वाले प्रशिक्षण केंद्रों का बेहतर इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया।
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि अनुभवी खिलाड़ियों का योगदान सिर्फ उनकी उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। उनका अनुशासन, संघर्ष और अनुभव युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का काम कर सकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक खेल सुविधाएं पहुंचाना जरूरी है, ताकि प्रतिभाएं संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाएं।राज्यपाल ने युवाओं में बढ़ते मोबाइल इस्तेमाल और निष्क्रिय जीवनशैली पर चिंता जताते हुए खेलों को जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को स्वस्थ और अनुशासित बनाने के साथ नशे जैसी समस्याओं से दूर रखने में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं।उन्होंने महिला खिलाड़ियों को समान अवसर देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। राज्यपाल ने वेटरन खिलाड़ियों से युवाओं के मेंटर और मार्गदर्शक के रूप में आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने खेल उपकरणों के लिए एक लाख रुपये की सहायता की घोषणा करते हुए खिलाड़ियों से खेल अधोसंरचना और प्रशिक्षण सुविधाओं को लेकर विस्तृत सुझाव देने का आग्रह किया।