Summer express, मोनिका रावत , चंडीगढ़ I पंजाब यूनिवर्सिटी के चांसलर एवं उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को पंजाब यूनिवर्सिटी का दौरा किया। उन्होंने सोफिस्टिकेटेड एनालिटिकल इंस्ट्रूमेंट फैसिलिटी एवं सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन लैबोरेटरीज (एसएआईएफ-सीआईएल) में एडवांस्ड इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी और पंजाब यूनिवर्सिटी टेक इनोवेशन फोरम (पीयू-टीआईएफ) का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि पीयू को विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा और शोध संस्थान बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षक, विद्यार्थी और शोधकर्ताओं को मिलकर प्रयास करना होगा।
पांच अत्याधुनिक उपकरणों से मजबूत होगी शोध क्षमता
उपराष्ट्रपति ने कहा कि एडवांस्ड इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी में एटॉमिक फोर्स माइक्रोस्कोप, रमन स्पेक्ट्रोमीटर, डीएनए सीक्वेंसर, फ्लो साइटोमीटर और एफटीआईआर स्पेक्ट्रोमीटर स्थापित किए गए हैं। इन उपकरणों से नैनो टेक्नोलॉजी, मैटेरियल साइंस, पर्यावरण विज्ञान और जीनोमिक्स समेत कई क्षेत्रों में शोध को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक वैज्ञानिक सुविधाओं को विश्वविद्यालय में लाने के लिए वह हरसंभव प्रयास करेंगे।
बायो-नेस्ट से पीयू-टीआईएफ तक का नया अध्याय
सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि बायो-नेस्ट को सेक्शन-8 की गैर-लाभकारी कंपनी के रूप में पंजाब यूनिवर्सिटी टेक इनोवेशन फोरम में बदलना शोध, उद्यमिता और तकनीक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि अकादमिक संस्थानों, उद्योग, इनक्यूबेटर और निवेशकों के साथ मिलकर काम करने से ही नवाचार को बड़े स्तर तक पहुंचाया जा सकता है।
असफलता से न घबराएं युवा शोधकर्ता
उन्होंने युवा शोधकर्ताओं से कहा कि विज्ञान को उद्देश्य के साथ आगे बढ़ाएं और असफलता से घबराने के बजाय उससे सीखें। शोध ऐसा होना चाहिए जो समाज की वास्तविक जरूरतों को पूरा करे। उन्होंने कहा कि प्रयोगशालाओं और कक्षाओं से निकलने वाले विचारों को रोजगार और नए अवसरों में बदलना जरूरी है।
कैंपस की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
पीएचडी छात्र की दुर्भाग्यपूर्ण मौत का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने तुरंत पूरे कैंपस का व्यापक सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए थे। इसके लिए आंतरिक समिति गठित की गई है, जो मौजूदा सुरक्षा ढांचे की समीक्षा कर विस्तृत रिपोर्ट देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा एवं कल्याण विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
विद्यार्थियों से बोले- नशे को कहें ना
उपराष्ट्रपति ने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने और नशामुक्त भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार व दोस्तों को भी इसके खिलाफ जागरूक करें।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दुनिया की नजर भारत पर
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के उच्च शिक्षा और वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। भारत तेजी से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध और नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने पीयू की वर्ष 1882 से चली आ रही विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने देश को कई नेता, न्यायविद, वैज्ञानिक, खिलाड़ी और लोकसेवक दिए हैं।
पीयू को विश्वस्तरीय बनाने के लिए मांगे सुझाव
उपराष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय समुदाय से पीयू को 21 विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा और शोध संस्थान बनाने के लिए सुझाव मांगे। उन्होंने विश्वास जताया कि नई वैज्ञानिक सुविधाएं और पीयू-टीआईएफ शोध, नवाचार और उद्यमिता को नई गति देंगे और विद्यार्थियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे। उन्होंने इन प्रयासों को विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य से जोड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष, लोकसभा सांसद मनीष तिवारी, पंजाब यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. मीनाक्षी गोयल समेत अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।