summer express, हिसार। राष्ट्रीय संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसान और मजदूर मान पार्क में एकत्रित हुए। इस दौरान किसानों-मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर सरकार से मांगों पर जल्द कार्रवाई की अपील की गई।
मोर्चा प्रतिनिधियों ने हिसार सांसद जयप्रकाश जेपी, नलवा विधायक रणधीर पनिहार, बरवाला विधायक रणबीर गंगवा और हिसार विधायक सावित्री जिंदल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सभी फसलों के लिए सी2 लागत पर 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर कानूनी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू करने और फसलों की सरकारी खरीद की गारंटी देने की मांग प्रमुखता से रखी गई।
किसान नेताओं ने किसानों और मजदूरों की व्यापक कर्जमाफी तथा आत्महत्या से प्रभावित परिवारों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी उठाई। इसके अलावा भारत-अमेरिका एफटीए समेत सभी मुक्त व्यापार समझौतों को रद्द करने, लोकतांत्रिक अधिकारों और आंदोलन करने के अधिकार पर कथित दमन बंद करने की मांग की गई। नेताओं ने धर्म के नाम पर नफरत और विभाजन की राजनीति समाप्त करने की भी अपील की।
मोर्चा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो 26 नवंबर से देशव्यापी व्यापक और निरंतर किसान आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही चारों श्रम संहिताओं को रद्द करने, न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 31 हजार रुपये प्रतिमाह करने तथा मनरेगा में 200 दिन रोजगार और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने की मांग रखी गई।
ज्ञापन में बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने, बीज विधेयक वापस लेने और जबरन भूमि अधिग्रहण रोकने की मांग भी शामिल रही। किसानों, आदिवासियों और वनवासियों के भूमि अधिकारों की रक्षा करने तथा किसान-मजदूरों के लिए 10 हजार रुपये मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन लागू करने की मांग की गई।
मोर्चा ने राज्यों के संघीय अधिकारों और वित्तीय स्वायत्तता को मजबूत करने के साथ विभाज्य कर पूल में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की मांग भी उठाई।
इस बीच संयुक्त किसान मोर्चा हिसार का प्रतिनिधिमंडल 8 सितंबर को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान महिला सफाई कर्मियों के साथ पुलिस के कथित व्यवहार का मुद्दा उठाएंगे और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे।
कार्यक्रम में शमशेर सिंह नंबरदार, सरदानंद राजली, राजीव मलिक, ईश्वर वर्मा बाडोपट्टी, अनिल बैंदा, सतपाल शर्मा, सुरेंद्र मान, देवेंद्र सिंह लौरा, साधुराम, ओमप्रकाश लाडवा, रोशन लाल, सुबेर सिंह, राममेहर लाडवा, पप्पू मिस्त्री, महेंद्र बैंदा और सुभाष जांगू समेत कई किसान और मजदूर मौजूद रहे।