चंडीगढ़, 14 जुलाई
एमएसएमई सेक्टर को मजबूत बनाने और उन्हें सरकारी योजनाओं एवं वित्तीय संसाधनों की जानकारी देने के उद्देश्य से पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) हरियाणा चैप्टर ने केनरा बैंक के सहयोग से एक एमएसएमई क्लस्टर मीट का आयोजन किया। यह कार्यक्रम पीएचडी हाउस, चंडीगढ़ में संपन्न हुआ।
सेमिनार में विभिन्न बैंकों, उद्योग संगठनों और एमएसएमई इकाइयों के 110 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए पीएचडीसीसीआई के हरियाणा राज्य चैप्टर के सह-अध्यक्ष लोकेश जैन ने कहा कि एमएसएमई देश के GDP, निर्यात और रोजगार में अहम भूमिका निभाते हैं और इन्हें मजबूत करने की दिशा में यह पहल एक जरूरी कदम है।
केनरा बैंक के चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय के उप महाप्रबंधक बी. रवि ने बैंक की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले वर्ष बैंक ने 1000 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया और इस वर्ष इससे भी अधिक वित्तीय सहायता देने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि केनरा बैंक में ऋण वितरण की प्रक्रिया (TAT) न्यूनतम है, जिससे उद्यमियों को त्वरित सहायता मिलती है।
पीएचडीसीसीआई की क्षेत्रीय निदेशक भारती सूद ने अपने उद्घाटन भाषण में व्यवसाय के विकास और विस्तार में ऋण की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की क्लस्टर मीट्स एमएसएमई को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम हैं।
पंजाब उद्योग विभाग के महाप्रबंधक अर्शजीत सिंह ने राज्य सरकार की औद्योगिक नीति और पूंजीगत सब्सिडी योजनाओं की जानकारी दी, जो निवेश को आकर्षित करने और उद्योगों के विकास को गति देने के लिए तैयार की गई हैं।
केनरा बैंक के अंचल कार्यालय चंडीगढ़ के मनोज कुमार दास ने कहा कि बैंक एमएसएमई की विशिष्ट जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संपार्श्विक-मुक्त ऋण, कार्यशील पूंजी सहायता और अनुकूलित वित्तीय उत्पाद उपलब्ध करा रहा है। इसके अलावा मुद्रा और पीएमईजीपी जैसी सरकारी योजनाओं के माध्यम से भी एमएसएमई को मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से एमएसएमई प्रतिनिधियों को न केवल वित्तीय विकल्पों की जानकारी मिली, बल्कि उन्हें सरकारी समर्थन योजनाओं और औद्योगिक नीतियों के साथ भी जोड़ा गया – जिससे उन्हें टिकाऊ और समावेशी विकास की ओर बढ़ने में मदद मिलेगी।