चंडीगढ़ | हरियाणा में 20 या उससे अधिक बोरी यूरिया और डीएपी खाद खरीदने वाले किसानों पर सरकार की निगरानी तेज हो गई है। कृषि विभाग ने सभी जिलों में ग्राउंड वेरिफिकेशन शुरू करा दिया है। विभाग को शक है कि ज्यादा खाद खरीद की आड़ में कालाबाजारी और हेराफेरी हो रही है।
खरीफ सीजन में यूरिया की रिकॉर्ड बिक्री के बाद यह कदम उठाया गया है। विभाग के अनुसार, 1 अप्रैल से 11 जुलाई तक 6.63 लाख मीट्रिक टन यूरिया बिक चुका है, जो पिछले साल से काफी ज्यादा है। इसी के चलते खाद स्टॉक पर दबाव बढ़ गया है और सप्लाई चेन डगमगाने लगी है।
तीन कैटेगरी में बांटे गए किसान
विभाग ने यूरिया-डीएपी खरीदने वाले किसानों को तीन श्रेणियों में बांटा है —
- कैटेगरी 1: 40-50 बैग
- कैटेगरी 2: 30-40 बैग
- कैटेगरी 3: 20-30 बैग
फील्ड स्टाफ को निर्देश हैं कि पहले कैटेगरी 1 की जांच हो, फिर अन्य की। नए खरीदारों की वेरिफिकेशन रिपोर्ट 3 दिन में मुख्यालय भेजनी होगी।
कस रहा शिकंजा
रिटेल स्टोरों की निगरानी के लिए उड़न दस्ते बनाए गए हैं और राज्य सीमाओं पर भी चेकपोस्ट्स लगाई गई हैं ताकि खाद का अवैध परिवहन रोका जा सके।