summer express , गुरुग्राम। राजेंद्रा पार्क थाना क्षेत्र के सूरत नगर फेज-1 में नीट की तैयारी कर रही 17 वर्षीय छात्रा ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। स्वजन का आरोप है कि गया निवासी एक युवक उसे फोन और वीडियो कॉल के जरिए परेशान कर रहा था। वह छात्रा को बदनाम करने की धमकी देकर पैसे मांगता था। परिजनों का कहना है कि लगातार हो रही इस कथित ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर छात्रा ने यह कदम उठाया।
पुलिस ने मामले की जांच के बाद घटना के करीब एक महीने बाद युवक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
छात्रा के पिता निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि उसकी मां एक स्कूल में शिक्षिका हैं। उनकी 17 वर्षीय बेटी सेक्टर-14 स्थित एक संस्थान से नीट की कोचिंग कर रही थी। पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जुलाई में उनकी पत्नी को बेटी के पास एक नोकिया मोबाइल फोन मिला था। पूछताछ करने पर बेटी ने बताया कि फोन उसके दोस्त अगस्त्य चौधरी का है, जो मूल रूप से गया का रहने वाला है और पहले उसी संस्थान में पढ़ता था।
परिजनों ने उस समय दोनों को पढ़ाई पर ध्यान देने की समझाइश दी थी, लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी अगस्त्य लगातार छात्रा को फोन करता रहा।
6 अगस्त को छात्रा के माता-पिता ड्यूटी पर गए हुए थे। उसकी मां अपना मोबाइल फोन घर पर ही बच्चों के पास छोड़ गई थी। दोपहर करीब ढाई बजे छोटे बेटे ने पिता को फोन कर बताया कि उसकी बहन ने कमरे में पंखे से फंदा लगा लिया है। पिता ने तुरंत पड़ोसी को घर भेजा। इसके बाद परिजन छात्रा को सर्वोदय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पिता के मुताबिक, घटना से एक दिन पहले बेटी ने बताया था कि वह काफी परेशान है। उसने आरोप लगाया था कि अगस्त्य वीडियो कॉल कर उसे धमकी देता है कि वह उसे बदनाम कर देगा और बिहार आने तथा पैसे देने के लिए दबाव बना रहा है। छोटे भाई ने भी पुलिस को बताया कि युवक छात्रा को बार-बार फोन करता था। परिजनों ने इसी कथित मानसिक प्रताड़ना को छात्रा की मौत की वजह बताया है।
राजेंद्रा पार्क थाना पुलिस ने शिकायत और जांच के आधार पर युवक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।