समर न्यूज | पठानकोट
पठानकोट के अखवाना औद्योगिक क्षेत्र में कथित तौर पर चल रहे बूचड़खाने के खिलाफ प्रशासन और पुलिस ने बुधवार को कार्रवाई की। टीम ने परिसर खाली करवाकर मुख्य गेट पर अस्थायी ताला लगा दिया। कार्रवाई के दौरान परिसर में 400 से अधिक मजदूर मौजूद मिले, जिन्हें तीन-चार ट्रकों में बाहर ले जाया गया। इनमें कुछ के बांग्लादेशी नागरिक होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, मजदूरों की नागरिकता और पहचान की आधिकारिक पुष्टि तत्काल नहीं हुई है।
बूचड़खाने के संचालन के विरोध में मंगलवार को हिंदू और सिख संगठनों, संत समाज, रामलीला कमेटियों और आसपास के गांवों के पंच-सरपंचों ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन भी सौंपा था। इसके बाद पठानकोट-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना देकर यातायात बाधित किया गया। संगठनों ने आरोप लगाया कि औद्योगिक क्षेत्र में बूचड़खाना अवैध रूप से संचालित किया जा रहा है और यहां पशुओं के वध को लेकर जांच होनी चाहिए। प्रशासन और पुलिस की टीम ने परिसर का निरीक्षण करने के बाद इसे खाली कराया। अधिकारियों की ओर से बूचड़खाने के संचालन, लाइसेंस तथा वहां काम कर रहे मजदूरों की पहचान से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल परिसर पर अस्थायी रूप से ताला लगाया गया है।
प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संचालन के लिए जरूरी अनुमति और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गई थीं या नहीं।