summer express ,करनाल। जिले के मोहिदीनपुर गांव में बाहर से बंद दिखाई देने वाले एक मुर्गी फार्म के अंदर कथित तौर पर अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम चल रहा था। पुलिस की छापेमारी में मौके से तैयार पटाखों की करीब 90 पेटियां और बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार, फार्म में पटाखे बनाने के लिए न तो कोई लाइसेंस था और न ही आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।
सीआईए-3 प्रभारी अजय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर मुर्गी फार्म में छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिस को तैयार पटाखों के अलावा करीब 47 किलो पोटाश और 2 क्विंटल 40 किलो गंधक मिली। इतनी बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री बिना अनुमति के रखे जाने से किसी भी समय बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ था।
पुलिस ने मामले में मुर्गी फार्म के मालिक करनाल के उत्तम नगर निवासी कुलदीप और उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना निवासी साहिर को हिरासत में लिया है। दोनों से पटाखे बनाने के लिए आवश्यक लाइसेंस और परमिट के बारे में पूछताछ की गई, लेकिन वे पुलिस के सामने कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके।
पुलिस के अनुसार, फार्म में करीब 12 लोग मजदूर के तौर पर काम कर रहे थे। आरोप है कि यहां बच्चों से भी काम कराया जा रहा था। ऐसे में बिना सुरक्षा मानकों के पटाखे बनाने का काम न केवल वहां मौजूद मजदूरों बल्कि आसपास के क्षेत्र के लिए भी खतरा पैदा कर रहा था।
छापेमारी के दौरान बरामद सामग्री में तैयार पटाखों के साथ बड़ी मात्रा में पोटाश और गंधक शामिल है। पुलिस का कहना है कि यदि निर्माण प्रक्रिया के दौरान आग लग जाती तो फार्म में रखे तैयार पटाखों और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल सकती थी। इससे वहां काम कर रहे लोगों के साथ आसपास के क्षेत्र में भी जान-माल के नुकसान की आशंका थी।
पुलिस ने बरामद पटाखों और अन्य सामग्री को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की ओर से यह भी पता लगाया जा रहा है कि फार्म में कितने समय से पटाखे बनाने का काम चल रहा था और तैयार पटाखों की सप्लाई कहां की जानी थी।