summer express , गुरुग्राम। द्वारका एक्सप्रेसवे पर श्रीराम चौक के पास देर रात तेज रफ्तार शेवरले बीट कार ने सड़क किनारे काम कर रहे चार मजदूरों को कुचल दिया। हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य मजदूरों के साथ कार चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायलों को पुलिस और राहगीरों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसा उस समय हुआ जब एक्सप्रेसवे के डिवाइडर पर लोहे की सुरक्षा ग्रिल लगाने का काम चल रहा था। मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी बिजेंद्र और पप्पू के रूप में हुई है। दोनों मजदूर ग्रिल लगाने के बाद उसके नट-बोल्ट कस रहे थे। उनके साथी सतीश चंद और रामकुमार ग्रिल को संभालकर खड़े थे। इसी दौरान दिल्ली की ओर से तेज रफ्तार में आ रही शेवरले बीट कार अनियंत्रित होकर मजदूरों से जा टकराई।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि बिजेंद्र और पप्पू उछलकर सड़क पर जा गिरे और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वहीं, कार को अपनी ओर आता देखकर सतीश और रामकुमार ने बचने के लिए एक्सप्रेसवे के बीच बनी ग्रीन बेल्ट की ओर छलांग लगा दी, लेकिन तेज रफ्तार कार ग्रीन बेल्ट में भी जा घुसी और दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद कार लोहे की रेलिंग से टकराकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
कार चालक की पहचान 20 वर्षीय वेदान खन्ना के रूप में हुई है। वह गुरुग्राम के सेक्टर-110 स्थित इंडियाबुल्स एनिग्मा का रहने वाला और दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र बताया गया है। हादसे में उसे भी गंभीर चोटें आईं। बजघेड़ा थाना पुलिस ने राहगीरों की मदद से सभी घायलों को वाइब्रेंट अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद वेदान खन्ना को उसके परिजन फोर्टिस अस्पताल ले गए। पुलिस के अनुसार तीनों घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने दोनों मृतकों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं और उनके परिजनों को सूचना दे दी है।
प्रारंभिक जांच में एक्सप्रेसवे पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कमी की बात भी सामने आई है। बताया गया है कि रात के समय काम वाली जगह पर पर्याप्त रिफ्लेक्टिव चेतावनी बोर्ड और रोशनी की व्यवस्था नहीं थी। मौके पर केवल दो-तीन छोटे प्लास्टिक के सेफ्टी कोन लगाए गए थे, जो अंधेरे में दूर से दिखाई नहीं दे रहे थे।
बजघेड़ा थाना पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी हादसे की प्रमुख वजह सामने आई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान जिस भी व्यक्ति या पक्ष की लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।