Summer express , नई दिल्ली। अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य के लोवेल में हैदराबाद निवासी 28 वर्षीय मोहम्मद जाबेर हुसैन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। हुसैन करीब 17 दिन पहले ही शादी के बंधन में बंधे थे। वह अमेरिका में सिविल इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे थे। उनका शव लोवेल स्थित उनके घर में मिला।
हुसैन के परिवार ने केंद्र सरकार से उनके शव को भारत लाने में मदद की अपील की है। परिवार का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है और अमेरिका से शव को हैदराबाद लाने की प्रक्रिया का खर्च उठाना उनके लिए मुश्किल है।
परिवार की अपील के बाद मजलिस बचाओ तहरीक के प्रवक्ता अमजद उल्लाह खान ने भी मदद की मांग उठाई है। उन्होंने हुसैन के पिता मोहम्मद जाकिर हुसैन की ओर से विदेश मंत्री को लिखे पत्र को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया। उन्होंने सरकार से मानवीय आधार पर हस्तक्षेप कर शव को जल्द भारत लाने में परिवार की सहायता करने की अपील की।
हुसैन के पिता के अनुसार, उनके बेटे की 28 अगस्त को टेक्सास में शादी हुई थी। शादी के बाद वह मैसाचुसेट्स लौट आए, जहां वह नौकरी करते थे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी पत्नी भी उनके साथ मैसाचुसेट्स लौटी थीं या नहीं।
परिवार के मुताबिक, हुसैन ने 14 सितंबर को आखिरी बार उनसे फोन पर बात की थी। इसके करीब आठ घंटे बाद उनके रूममेट ने परिवार को फोन कर उनकी मौत की जानकारी दी। रूममेट के अनुसार, हुसैन की मौत नींद के दौरान हुई। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
परिवार पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। इन रिपोर्टों से ही उनकी मौत के कारण और परिस्थितियों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि घटना के बाद उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता मिली थी या नहीं।
मोहम्मद जाबेर हुसैन वर्ष 2021 में अमेरिका गए थे। उन्होंने कनेक्टिकट स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू हेवन से सिविल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री की पढ़ाई की थी। वर्ष 2023 में डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने एस्टिमेटर के तौर पर एक कंपनी में इंटर्नशिप शुरू की।
इसके बाद हुसैन ने ग्रीन इंटरनेशनल एफिलिएट्स इंक नाम की कंपनी में काम किया, जहां उन्होंने तीन साल से अधिक समय तक सेवाएं दीं। इसी वर्ष उन्होंने नौकरी बदली और मैसाचुसेट्स स्थित लोचनर कंपनी में काम करने लगे थे।
परिवार अब पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। साथ ही, परिजनों ने भारत सरकार से शव को जल्द से जल्द हैदराबाद लाने में सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।